दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर जाम: बंद एग्जिट और छोटे साइनेज से यात्री परेशान
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) पर मेरठ जाने की दिशा में आइपीईएम कॉलेज के पास स्थित एग्जिट प्वाइंट को बंद करने के निर्णय से वाहन चालक भ्रमित हो रहे हैं और जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस एग्जिट को कार्य दिवसों पर शाम छह बजे से रात नौ बजे तक पीक आवर्स के दौरान बंद करने का फैसला किया है। इस कदम का उद्देश्य ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है, क्योंकि यह कट अक्सर हापुड़ रोड और गाजियाबाद की ओर से आने वाले ट्रैफिक के साथ मिलकर समस्या पैदा करता था।
सूत्रों के अनुसार, एनएचएआई ने एग्जिट को बंद करने से पहले सूचनात्मक साइनेज बोर्ड लगाए हैं, लेकिन ये बोर्ड काफी छोटे हैं और तेज गति से चलने वाले वाहनों के चालकों को दूर से दिखाई नहीं देते। डीएमई पर वाहन अक्सर 100 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से चलते हैं, ऐसे में इन छोटे बोर्डों को पढ़ना मुश्किल हो रहा है। जानकारी के अभाव में, वाहन चालक एग्जिट प्वाइंट के पास पहुंचकर बंद होने का पता चलने पर रुकते हैं, जिससे जाम लग जाता है। हालांकि, जाम की स्थिति पहले की तुलना में काफी कम है, जो पहले दो से पांच किलोमीटर तक पहुंच जाता था, अब यह केवल 500 मीटर तक सीमित है।
यह भी बताया गया है कि सुबह के पीक आवर्स में यह एग्जिट खुला रहेगा, जिससे उस दौरान जाम की समस्या बनी रह सकती है। दिल्ली जाने की दिशा में एबीईएस कॉलेज के पास वाले एग्जिट प्वाइंट पर भी जाम लगता है, जहाँ से क्रासिंग रिपब्लिक और नोएडा एक्सटेंशन की ओर वाहन निकलते हैं। इस एग्जिट को एनएचएआई ने फिलहाल बंद नहीं किया है, हालांकि इंटरनेट मीडिया पर इसे बंद होने की अफवाहें फैली थीं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एनएचएआई ने बिना पर्याप्त सर्वे के एग्जिट प्वाइंट बनाए, जिसके कारण अब लोगों को परेशानी हो रही है। एनएचएआई की योजना के अनुसार, जाम से स्थायी रूप से निपटने के लिए नेशनल हाईवे-9 पर आइपीईएम और एबीईएस कॉलेज के इंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर एक-एक अतिरिक्त लेन बनाई जाएगी। दो लेन बनने से जाम की समस्या के पूरी तरह खत्म होने की उम्मीद है। इसके बाद, पीक आवर्स में एग्जिट को बंद करने की व्यवस्था भी समाप्त कर दी जाएगी।
