कुत्तों के आतंक से बरेली बेहाल, नगर निगम की लापरवाही से ठप पड़ा नसबंदी अभियान
बरेली शहर आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक से जूझ रहा है। शहर के लगभग सभी वार्डों में लोग कुत्तों के उत्पात से परेशान हैं और हर वार्ड में कुत्तों को पकड़ने की मांग कर रहे हैं। नगर निगम ने सीबीगंज में 150 कुत्तों को रखने की क्षमता वाला एक नया एनिमल बर्थ केयर (एबीसी) सेंटर तो तैयार कर लिया है, लेकिन इसके संचालन के लिए निविदा प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो पाई है। इस देरी के कारण कुत्तों को पकड़ने और उनकी नसबंदी का काम तेजी से नहीं हो पा रहा है, जिससे लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है।nnनगर निगम की कार्यकारिणी समिति और बोर्ड बैठकों में भी पार्षद लगातार अधिकारियों से इस मुद्दे पर जवाब मांग रहे हैं। हालांकि, जिम्मेदार अधिकारी बार-बार निविदा प्रक्रिया में हो रही देरी का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहे हैं। शहरी इलाकों में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों को देखते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने स्थानीय निकायों को इस समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।nnइसके बावजूद, नगर निगम की ओर से केवल शहर के विभिन्न स्थानों पर फीडिंग प्वाइंट बनाने पर ही जोर दिया जा रहा है, जबकि आवारा कुत्तों के आतंक को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कार्ययोजना अभी तक नहीं बन पाई है। उत्पाती कुत्तों पर नियंत्रण पाने में सीमित संसाधन एक बड़ी चुनौती साबित हो रहे हैं। वर्तमान में नगर निगम द्वारा संचालित एनीमल बर्थ केयर सेंटर में केवल 50 कुत्तों को ही रखने की क्षमता है, जिसके चलते प्रति माह केवल 150 से 200 कुत्तों का ही बधियाकरण हो पा रहा है। यह स्थिति तब है जब जिला अस्पताल में हर दिन शहर और आसपास के गांवों से 400 से अधिक लोग एंटी-रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं।nnसीबीगंज में 1.80 करोड़ रुपये की लागत से बना नया एबीसी सेंटर, जिसमें 10 आइसोलेशन कैनाल और 15 बड़े कैनाल हैं, प्रत्येक में 10 कुत्तों की क्षमता है। इसमें ऑपरेशन थिएटर, मेडिकल स्टोर रूम, सर्जन रूम और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी मौजूद हैं। यह सेंटर शासन द्वारा एबीसी योजना के तहत जारी धनराशि से नगर निगम निधि से तैयार किया गया है। लेकिन, जनवरी से अब तक निविदा प्रक्रिया पूरी न होने के कारण इसका संचालन शुरू नहीं हो सका है।nnआवारा कुत्तों के हमले बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से खतरनाक साबित हो रहे हैं। इतना ही नहीं, ये कुत्ते वाहन चालकों को दौड़ाकर उन्हें गिरा रहे हैं, जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। सिविल लाइन, आवास विकास, ग्रीन पार्क और इंदिरा नगर जैसे पॉश इलाकों से लेकर सीबीगंज, बंडिया, मथुरापुर और रहपुरा चौधरी जैसे सीमावर्ती वार्डों तक, हर जगह लोग इन हमलों का शिकार हो रहे हैं।nnनिर्माण विभाग की ओर से सीएंडडीएस द्वारा बनाए गए इस नए एबीसी सेंटर के संचालन के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। निविदा प्रक्रिया को पूरा करने की जिम्मेदारी कार्यकारी अभियंता राजीव राठी को सौंपी गई है। उनके अनुसार, दो बार निविदाएं आमंत्रित करने के बावजूद किसी एजेंसी ने भाग नहीं लिया, जिसके कारण तीसरी बार निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। उन्होंने दावा किया है कि इसी माह के अंत तक संचालन के लिए किसी एजेंसी का चयन कर लिया जाएगा।”
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