मुजफ्फरपुर में डेंगू का कहर जारी, तीन नए मरीज मिलने से चिंता बढ़ी
मुजफ्फरपुर जिले में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटों में तीन नए डेंगू मरीजों की पुष्टि हुई है, जिनमें कांटी से एक और मुशहरी से दो मरीज शामिल हैं। इन नए मामलों के साथ ही जिले में डेंगू संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 63 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग स्थिति को नियंत्रित करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास कर रहा है।
नए मरीज मिलने वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों के लगभग सौ घरों में कीटनाशक का छिड़काव कराया जाएगा। इसके साथ ही, जिले के सभी 15 प्रखंडों में आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से डेंगू मच्छर जनित बीमारियों के प्रति जागरूकता और सर्च अभियान चलाया जाएगा। यदि किसी व्यक्ति में डेंगू के लक्षण पाए जाते हैं, तो उसकी तत्काल पहचान कर इलाज सुनिश्चित किया जाएगा।
जिला वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी के अनुसार, डेंगू के इलाज के लिए जिले में पीएचसी स्तर पर 32 बेड उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, सदर अस्पताल में 10 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की गई है। वर्तमान में किसी भी डेंगू मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी है, सभी मरीज घर पर रहकर ही इलाज करा रहे हैं। कंट्रोल रूम के माध्यम से इन सभी मरीजों की नियमित निगरानी की जा रही है। अब तक 26 संक्रमितों के घर और आसपास के इलाकों में फागिंग भी कराई जा चुकी है। पीएचसी प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे मरीज के घर के आसपास तत्काल फागिंग कराएं।
मोतीपुर प्रखंड को छोड़कर, जिले के बाकी सभी 15 प्रखंडों में डेंगू के मरीज मिले हैं। यह स्थिति चिंताजनक है और लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि लोग अपने आसपास जल जमाव न होने दें और मच्छरों के पनपने के स्रोतों को नष्ट करें।
डेंगू के लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर और आंखों में दर्द, जोड़ों में दर्द, उल्टी और त्वचा पर लाल चकत्ते शामिल हैं। यदि किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और स्वयं उपचार करने से बचना चाहिए। समय पर निदान और उचित उपचार डेंगू के गंभीर परिणामों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
