नार्को टेररिज्म: भारत की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा, हर राज्य बनाए एसआईए – दिनकर गुप्ता
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही जी-20 शिखर सम्मेलन में नार्को टेररिज्म को दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा करार दिया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के पूर्व महानिदेशक और केंद्रीय गुप्तचर एजेंसियों में लंबे समय तक सेवा दे चुके दिनकर गुप्ता के अनुसार, यह समस्या भारत की सुरक्षा के लिए भी एक गंभीर चुनौती पेश कर रही है। गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि नार्को टेररिज्म न केवल युवाओं को बर्बाद कर रहा है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा संकट बन गया है।
दिनकर गुप्ता ने दैनिक जागरण के साथ एक विशेष बातचीत में इस मुद्दे की गहराई से पड़ताल करते हुए कहा कि नार्को टेररिज्म में भारी मात्रा में धन शामिल है, जो हमारी संस्थाओं को भ्रष्ट करने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इससे निपटना आसान नहीं है क्योंकि इसके तार स्थापित करना एक जटिल प्रक्रिया है। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि कोरोना काल के दौरान पंजाब में एक ऐसे मामले का खुलासा हुआ था जिसमें हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी एजाज अहमद नाइकू ड्रग्स के पैसे लेने के लिए सीमा पर आया था। इस मामले की जांच से यह बात सामने आई थी कि आतंकी रंजीत चीता भी इसमें शामिल था, जिसके मॉड्यूल को ध्वस्त करने से नार्को टेररिज्म के व्यापक नेटवर्क का पता चला था। इस मामले को गृह मंत्रालय ने भी बहुत गंभीरता से लिया था।
जब उनसे पूछा गया कि इतनी सारी एजेंसियों के बावजूद नार्को टेररिज्म कैसे बढ़ रहा है, तो गुप्ता ने कहा कि कोई भी समस्या अचानक शुरू नहीं होती और न ही अचानक खत्म होती है। इसके पनपने के पीछे कई वर्षों के कई कारक जिम्मेदार होते हैं। उन्होंने पंजाब का उदाहरण देते हुए बताया कि जब सीमा पर कंटीली तार नहीं थी, तब सोने की तस्करी होती थी। तार लगने के बाद यह काम रुका तो ड्रग्स और हथियारों की तस्करी शुरू हो गई। पंजाब ने आतंकवाद का लंबा दौर देखा है, लेकिन उसके बाद भी सीमा पार से छिटपुट घटनाओं के माध्यम से पंजाब को अस्थिर करने के प्रयास होते रहे। हालांकि, लोगों ने इन प्रयासों का विरोध किया। लेकिन, ड्रग्स के मामलों में पकड़े गए युवक और जेलों में बंद गैंगस्टर एक बड़ा नेक्सस (गठजोड़) बन गए, जिसने नार्को टेररिज्म को बढ़ावा देने में मदद की।
गुप्ता ने इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि सबसे पहले तो भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह ड्रग्स तस्करी को बढ़ावा देने वाली मुख्य वजहों में से एक है। इसके अलावा, जेलों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है ताकि वहां बंद अपराधी अपने नेटवर्क को आगे न बढ़ा सकें। उन्होंने एनआईए की तर्ज पर प्रत्येक राज्य में एक विशेष आतंकवाद रोधी एजेंसी (एसआईए) के गठन की वकालत की, जो नार्को टेररिज्म जैसे संगठित अपराधों से प्रभावी ढंग से निपट सके। उन्होंने यह भी कहा कि क्रिप्टो करेंसी के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए, इसके विनियमन की भी तत्काल आवश्यकता है ताकि इसका दुरुपयोग न हो सके।
