ईपीएफओ परीक्षा में नकल: शिक्षक विनोद यादव का करियर दांव पर, निलंबन की तलवार लटकी
वाराणसी में यूपीएससी ईपीएफओ परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करते पकड़े गए शिक्षक विनोद यादव के पेशेवर जीवन पर अब गहरा संकट मंडरा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ पकड़े जाने के आरोप में शिक्षक के निलंबन की कार्रवाई तय मानी जा रही है। समाचार माध्यमों से मिली सूचना के बाद, संबंधित विभाग ने मामले की तह तक जाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
सूत्रों के अनुसार, जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही शिक्षक के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने न केवल विनोद यादव के वर्तमान शिक्षक पद पर अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है, बल्कि उनके अब तक के करियर पर भी एक गंभीर दाग लगा दिया है, जिससे उनकी मेधा पर भी सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, मड़ियाहूं क्षेत्र के अजोसी गांव निवासी विनोद कुमार यादव का नौकरी का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वर्तमान में प्राथमिक पाठशाला सुदनीपुर में शिक्षक के पद पर कार्यरत, उनकी नियुक्ति वर्ष 2018 में 68500 शिक्षक भर्ती के माध्यम से हुई थी। उन्होंने लेखपाल के पद से इस्तीफा देकर शिक्षक का पद संभाला था। चार साल शिक्षक के रूप में सेवा देने के बाद, वर्ष 2024 में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण की।
शिक्षक पद से अवैतनिक अवकाश लेकर वह पुणे में ईपीएफओ पद पर कार्यभार ग्रहण करने गए थे। वहां करीब छह महीने नौकरी करने के बाद, वह ईपीएफओ की नौकरी छोड़कर पुनः शिक्षक पद पर लौट आए थे। अब वाराणसी में परीक्षा के दौरान नकल करते पकड़े जाने के इस गंभीर आरोप के बाद, उनके शिक्षक पद पर बड़ी मुसीबत आ गई है।
प्राथमिक विद्यालय सुदनीपुर के प्रभारी प्रधानाध्यापक ने बताया कि विनोद यादव ने परीक्षा के लिए 28 और 29 नवंबर को अवकाश लिया था। सोमवार को उन्होंने मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से एक दिन के लिए पुनः अवकाश की अर्जी दी थी।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. गोरखनाथ पटेल ने इस मामले पर कहा कि शिक्षक विनोद यादव की गिरफ्तारी के संबंध में उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी मिली है। यदि विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पत्र प्राप्त होता है, तो खंड शिक्षा अधिकारी से आख्या प्राप्त कर नियमानुसार निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना परीक्षा की शुचिता और शिक्षकों के आचरण पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
