ChatGPT: 3 साल में बना 80 करोड़ लोगों का AI सलाहकार, बदला सर्च करने का तरीका
सूचना क्रांति के इस दौर में, जेनरेटिव AI प्लेटफार्म ‘ChatGPT’ ने अपनी लॉन्चिंग के महज तीन साल के भीतर ही जानकारी प्राप्त करने के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है। अमेरिकी कंपनी OpenAI द्वारा विकसित यह AI चैटबॉट अब 80 करोड़ से अधिक लोगों का मित्र, सलाहकार और विशेषज्ञ बन चुका है।
ChatGPT एक ऐसी AI प्रणाली है जो इंसानों की तरह भाषा को समझने और प्रतिक्रिया देने की अद्भुत क्षमता रखती है। लोग अब किसी भी विषय पर सवाल पूछने, जानकारी प्राप्त करने, लिखने में सहायता लेने या सामान्य बातचीत के लिए इसका उपयोग कर रहे हैं। यह पारंपरिक सर्च इंजनों के मुकाबले अधिक व्यक्तिगत और संवादात्मक अनुभव प्रदान करता है, जिसके कारण लोग अब ‘गूगल सर्च’ की बजाय ‘ChatGPT’ पर जाना अधिक पसंद कर रहे हैं।
मिसिसिपी स्टेट यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर डेबोरा ली के एक अध्ययन के अनुसार, जानकारी खोजने का यह नया तरीका डिजिटल आदतों में एक गहरा परिवर्तन ला चुका है। उन्होंने पाया कि ChatGPT ने मौजूदा उपकरणों को पूरी तरह से खत्म नहीं किया, बल्कि उनकी प्रासंगिकता बनाए रखते हुए उपयोगकर्ताओं को अधिक व्यवस्थित और संवादात्मक तरीके से जानकारी उपलब्ध कराना जारी रखा। ChatGPT के 30 नवंबर 2022 को लॉन्च होने के कुछ ही महीनों के भीतर, हर हफ्ते लगभग 10 करोड़ लोग इसका इस्तेमाल करने लगे थे, और यह आंकड़ा 2025 के अंत तक बढ़कर 80 करोड़ तक पहुंच गया है।
यूएस रिसर्च सेंटर के 2025 के एक अध्ययन में पाया गया कि 34% अमेरिकी नागरिक ChatGPT का उपयोग कर रहे हैं, जो 2023 की तुलना में दोगुना है। विशेष रूप से, 30 साल से कम उम्र के 58% युवा AI से मदद ले रहे हैं। जेनरेटिव AI के इस बढ़ते प्रभुत्व का सीधा असर गूगल जैसे पारंपरिक सर्च इंजनों पर पड़ रहा है। गूगल ने भी अपने सर्च इंजन को अपडेट करने के बजाय अपने AI टूल ‘जेमिनी’ पर अधिक ध्यान केंद्रित किया है। सिमिलरवेब डेटा के अनुसार, समाचार वेबसाइटों पर जाने वाले गूगल ट्रैफिक में मई 2025 में 2.3 अरब से घटकर 1.7 अरब रह गया है।
स्मार्ट स्पीकर जैसे वॉयस असिस्टेंट की प्रासंगिकता पर भी ChatGPT का असर देखा जा रहा है। 2025 के आंकड़ों के अनुसार, 12 वर्ष से अधिक उम्र के केवल 34% लोगों के पास स्मार्ट स्पीकर हैं, जो 2023 में 35% था। यह बदलाव दर्शाता है कि AI चैटबॉट्स अब लोगों की दैनिक जानकारी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक प्रमुख स्रोत बन गए हैं।
