अमित सिंह टाटा: मुन्ना बजरंगी से जुड़ा, फेंसेडिल तस्करी से बनाया करोड़ों का साम्राज्य
लखनऊ: फेंसेडिल कफ सिरप की तस्करी के धंधे से जुड़े अमित सिंह उर्फ ‘टाटा’ ने पिछले डेढ़ वर्षों में करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली थी। कभी केवल स्कार्पियो से सफर करने वाला अमित अब लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ दिखाई देने लगा था। सूत्रों के अनुसार, उसने फॉर्च्यूनर और स्कार्पियो सहित तीन महंगी गाड़ियां खरीदी थीं, जिनके साथ वह वाराणसी, लखनऊ और जौनपुर में घूमता था।
पुलिस के मुताबिक, डेढ़ वर्ष के इस छोटे से अंतराल में फेंसेडिल कफ सिरप के तस्कर शुभम जायसवाल ने अमित को ये तीन गाड़ियां खरीदकर दी थीं। इस रसूख के बल पर ही अमित सिंह टाटा ने लखनऊ के पॉश इलाके सुशांत गोल्फ सिटी में एक प्रॉपर्टी पर कब्जा जमाने की कोशिश की थी। जब कुछ लोगों ने इसका विरोध किया, तो अमित ने अपने माफिया संपर्कों का हवाला देकर उन्हें चुप करा दिया।
जांच में यह भी सामने आया है कि शुभम जायसवाल ने अमित को फॉर्च्यूनर जैसी गाड़ियां उपहार में दी थीं। शुभम ने अमित को इसलिए अपने साथ रखा था ताकि पूर्वांचल के माफिया और दबंग उससे रंगदारी न मांग सकें। एसटीएफ की जांच में दुबई में शुभम जायसवाल के करीबियों, जैसे वरुण सिंह, गौरव जायसवाल, और सिगरा के होटल व रियल एस्टेट कारोबारियों सहित कई अन्य नामों का भी खुलासा होने की संभावना है।
यह भी पता चला है कि फेंसेडिल कफ सिरप की तस्करी से शुभम जायसवाल ने जौनपुर, चंदौली और वाराणसी जैसे पूर्वांचल के कई रसूखदारों को भी लाभान्वित किया है। शुभम ने अपने एप्पल मैकबुक में इस पूरे गोरखधंधे का काला हिसाब रखा हुआ था। उसने साड़ी, होटल, बालू, कोयला और सरिया जैसे विभिन्न कारोबारों में भी अपने पैर पसारे थे।
अमित सिंह टाटा का आपराधिक इतिहास नया नहीं है। वह पहले भी जेल जा चुका है। उसका नाम कुख्यात माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी से सीधे तौर पर जुड़ा था और वह उसका खास गुर्गा माना जाता था। मुन्ना बजरंगी की मौत के बाद, अमित ने उसकी चिता पर विरोधियों को खत्म करने की कसम खाई थी। जब उसे कोई बड़ा राजनीतिक संरक्षण नहीं मिला, तो उसने जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह की शरण ली थी।
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