शीतलहर और कोहरे का रेल यातायात पर असर, यात्री परेशान
उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का प्रकोप जारी है, जिसका सीधा असर रेल यातायात पर पड़ रहा है। ट्रेनों की रफ्तार थम सी गई है, जिससे यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से, अमृतसर क्लोन फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन अपने निर्धारित समय से पांच घंटे की देरी से पहुंची, वहीं आम्रपाली एक्सप्रेस साढ़े पांच घंटे लेट रही। इन देरी के कारण यात्रियों को स्टेशनों पर लंबा इंतजार करना पड़ा, जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई।
सूत्रों के अनुसार, ट्रेनों के संचालन में देरी का मुख्य कारण उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में चल रहा निर्माण कार्य और रेल लाइनों में किए जा रहे बदलाव हैं। इन कार्यों के चलते कई रेल खंडों पर ब्लॉक लिया गया है, जिसके परिणामस्वरूप कई ट्रेनों के मार्ग भी बदले गए हैं। इस डायवर्जन के कारण ट्रेनों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लग रहा है।
यह समस्या केवल चुनिंदा ट्रेनों तक ही सीमित नहीं है। जनसेवा एक्सप्रेस छत्तीसगढ़ जैसी ट्रेनें सवा दो घंटे, जम्मूतवी एक्सप्रेस डेढ़ घंटा, हावड़ा अमृतसर मेल और सरबत दा भला एक्सप्रेस सवा एक घंटा देरी से पहुंचीं। लुधियाना छेहर्टा ईएमयू भी पौना घंटा लेट रही। इन देरी से न केवल लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्री प्रभावित हुए हैं, बल्कि दैनिक यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक शीतलहर और कोहरे से राहत मिलने की उम्मीद कम जताई है। ऐसे में रेल यात्रियों से धैर्य बनाए रखने की अपील की गई है। रेलवे प्रशासन यात्रियों की असुविधा को कम करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन घने कोहरे और निर्माण कार्य के चलते ट्रेनों की समय-सारणी को सामान्य होने में अभी वक्त लग सकता है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पहले ट्रेनों की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।
