रांची में बोरवेल की नई दरें लागू, अब 110 रुपये प्रति फीट चुकाना होगा शुल्क
रांची में बोरवेल खुदवाने की लागत में वृद्धि हुई है। रांची रिंग बोरिंग आनर एसोसिएशन ने बुधवार को सुकुरहुट्टू, रिंग रोड स्थित अपने स्थल पर एक विशेष बैठक आयोजित की। इस बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अब बोरिंग के लिए 110 रुपये प्रति फीट की दर से शुल्क लिया जाएगा। यह नई दर 21 नवंबर से पूरे रांची जिले में प्रभावी हो जाएगी।
एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश चंद्रा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बड़ी संख्या में रिंग ऑनर (बोरवेल मालिक) शामिल हुए। उन्होंने मजदूरों, ऑपरेटरों, हैमर बिट और बोरिंग मशीन के पार्ट्स-पुर्जों की लगातार बढ़ती कीमतों पर गहन चर्चा की। बढ़ती परिचालन लागतों को देखते हुए, एसोसिएशन ने उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले बोझ को कम करने के बजाय, अपनी लागतों को समायोजित करने के लिए दरों में वृद्धि का निर्णय लिया।
इस निर्णय का सीधा असर रांची शहर और आसपास के क्षेत्रों में बोरवेल खुदवाने वाले आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा, जिन्हें अब पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना होगा। हालांकि, एसोसिएशन ने इस बात पर भी जोर दिया कि रांची में तेजी से हो रहे निर्माण कार्यों और मशीनों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
एसोसिएशन ने झारखंड के स्थानीय मजदूरों को बोरिंग कार्य में प्राथमिकता देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उनका मानना है कि इससे राज्य के मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा और पलायन रोकने में मदद मिलेगी। एसोसिएशन ने नई दरें लागू करने के साथ-साथ मजदूरों के हित में ठोस कदम उठाने पर भी सहमति जताई। इस बैठक में एसोसिएशन के कई अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे, जिन्होंने नई दरों और स्थानीय मजदूरों को रोजगार देने के प्रस्ताव पर अपनी सहमति व्यक्त की।
