0

सीईओ कार्यालय के बाहर बीएलओ का धरना: चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट

By Nov 26, 2025

कोलकाता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के बाहर बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के एक वर्ग द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन को चुनाव आयोग ने सुरक्षा में एक गंभीर चूक के तौर पर लिया है। इस घटना के मद्देनजर, आयोग ने कोलकाता पुलिस आयुक्त को एक पत्र लिखकर 48 घंटे के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है।

सूत्रों के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन मंगलवार शाम तक करीब 30 घंटे तक चला। बीएलओ ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान अत्यधिक कार्य दबाव और असहनीय कार्यभार का आरोप लगाते हुए यह धरना दिया था। आयोग ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए कहा है कि सीईओ कार्यालय में मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था इस तरह की घटनाओं से निपटने में अपर्याप्त प्रतीत होती है।

चुनाव आयोग ने अपने पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया है कि कोलकाता पुलिस आयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों, उनके आवासों तथा उनके आने-जाने के मार्गों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल सभी आवश्यक कदम उठाए। इसके अतिरिक्त, आयोग ने यह भी निर्देशित किया है कि राज्य में एसआईआर जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियों और आगामी चुनावों को देखते हुए, संवेदनशीलता के आधार पर सुरक्षा का उचित वर्गीकरण किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, चुनाव आयोग ने पत्र की एक प्रतिलिपि राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को भी भेजी है, ताकि इस मुद्दे पर उच्च स्तर पर समन्वय स्थापित किया जा सके। यह घटना मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में कर्मचारियों के कार्यभार और उनकी सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ाती है।

About

Journalist covering latest updates.

अगली खबरें

पश्चिम बंगाल में 14 लाख मतदाता नाम कटने की आशंका, ड्राफ्ट सूची नौ दिसंबर को

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत अब तक लगभग 14 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने का अनुमान है। चुनाव आयोग के अनुसार, यह शुरुआती अनुमान है...
By Nov 26, 2025

साझा करें