490 किमी सड़कों का निरीक्षण, 872 गड्ढे भरे गए: सीएम के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग का अभियान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सख्त निर्देशों के बाद राजधानी की सड़कों की सूरत बदलने का अभियान तेज हो गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद, लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा ने गुरुवार को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों को सड़कों पर गड्ढे भरने और सफाई अभियान चलाने का आदेश दिया था। इस आदेश के अनुपालन में, पीडब्ल्यूडी की 200 मेंटेनेंस वैन को विशेष रूप से इस कार्य में लगाया गया।
पहले दिन के अभियान में, इन 200 वैनों ने कुल 1259 किलोमीटर सड़कों में से 490 किलोमीटर सड़कों का निरीक्षण किया। इस दौरान, सड़कों पर मौजूद 872 गड्ढों को कोलतार और रोड़ी मिक्स सामग्री से भरकर दुरुस्त किया गया। इतना ही नहीं, सड़कों के किनारे और फुटपाथों पर जमा मलबा, मिट्टी और कूड़े के ढेर को भी हटाया गया। सेंट्रल वर्ज (सड़क के बीच का डिवाइडर) पर जमा धूल और मिट्टी की भी सफाई की गई, जिससे यातायात सुचारू रूप से चल सके और प्रदूषण पर भी अंकुश लगाया जा सके।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, गड्ढे भरने के साथ-साथ सड़कों पर जमा होने वाले मिट्टी, धूल और कूड़े को भी उठाने के स्पष्ट आदेश दिए गए थे। जहां भी ऐसी समस्या पाई गई, उसे तुरंत ठीक किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि यह अभियान शुक्रवार और शनिवार को भी जारी रहेगा, और इसके बाद भी सड़कों के रखरखाव की यह प्रक्रिया निरंतर चलती रहेगी।
अधिकारियों को यह भी साफ निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कहीं भी कार्य में गड़बड़ी या लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए, सभी 200 मेंटेनेंस वैन को जीपीएस सिस्टम से जोड़ा गया है और उनकी गतिविधियों की ऑनलाइन निगरानी कंट्रोल रूम से की जा रही है।
यह विशेष अभियान प्रदूषण रोकथाम के प्रयासों का भी एक हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने 72 घंटे के भीतर सड़कों के सभी गड्ढे भरने का निर्देश दिया था और सभी संबंधित विभागों को प्रदूषण मानकों का पालन न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा था। इस पहल का उद्देश्य न केवल यातायात को सुगम बनाना है, बल्कि शहर को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाना भी है।
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