15 साल बाद MBA छात्रा हत्याकांड में सीरियल किलर दोषी करार, सजा का ऐलान कल
चंडीगढ़ की जिला अदालत ने 15 साल पुराने एक सनसनीखेज एमबीए छात्रा हत्याकांड में मोनू कुमार को दोषी ठहराया है। अदालत शुक्रवार को इस मामले में सजा का ऐलान करेगी। वर्ष 2010 में सेक्टर-38 में 21 वर्षीय एमबीए छात्रा का शव दुष्कर्म के बाद क्षत-विक्षत हालत में मिला था, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था।
इस वारदात के बाद से आरोपी मोनू कुमार करीब 14 साल तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहा। वह एक सीरियल किलर के तौर पर जाना जाता है और उस पर दो अन्य महिलाओं की हत्या का भी आरोप है, जिनमें से एक के साथ उसने दुष्कर्म भी किया था। पुलिस के अनुसार, मोनू पेशे से ड्राइवर था और छात्रा की हत्या के बाद वह लगातार अपनी पहचान छुपाता रहा और पुलिस से बचने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी नहीं करता था।
कई सालों तक पुलिस ने इस मामले की गहन जांच की, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं लगा। इस दौरान अदालत में अनट्रेस रिपोर्ट भी दाखिल की गई, हालांकि पुलिस ने अपनी जांच जारी रखी थी। मामले की अहम कड़ी छात्रा के शव से लिए गए डीएनए सैंपल थे। पुलिस ने इन सैंपलों का मिलान करीब 100 लोगों से करवाया था और समय-समय पर संदिग्धों के डीएनए की तुलना भी की जाती रही।
पिछले साल, पुलिस को मोनू कुमार पर शक हुआ और उसे हिरासत में लेकर उसका डीएनए सैंपल लिया गया। जब इस सैंपल की तुलना छात्रा के डीएनए से की गई, तो मिलान हो गया। इसी निर्णायक सबूत के आधार पर सीरियल किलर मोनू को गिरफ्तार किया गया और उसके खिलाफ जिला अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई। डीएनए जांच इस मामले में निर्णायक साबित हुई, जिसने 14 साल से फरार चल रहे हत्यारे को सलाखों के पीछे पहुँचाया।
