यूपी में बीएलओ को राहत: 27 नवंबर तक काम शुरू करने पर नहीं होगी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में शिथिलता बरतने वाले बीएलओ को काम शुरू करने का एक और मौका दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, यदि बीएलओ 27 नवंबर तक अपना कार्य प्रारंभ कर देते हैं, तो उन पर की गई कार्रवाई को समाप्त कर दिया जाएगा। यह निर्णय निर्वाचन कार्य को गति देने और बीएलओ को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
निर्वाचन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, अब तक इस कार्य में लापरवाही के चलते 50 से अधिक बीएलओ पर कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें पांच बीएलओ को निलंबित किया गया है, दो की वेतन वृद्धि रोकी गई है, और 45 बीएलओ के वेतन व मानदेय पर रोक लगा दी गई है। इन सभी को 27 नवंबर तक कार्य शुरू करने का अंतिम अवसर प्रदान किया गया है। यदि वे इस समय-सीमा के भीतर काम शुरू कर देते हैं, तो उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई वापस ले ली जाएगी।
जिलाधिकारी ने इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त न करने की बात कही है। उन्होंने यह भी बताया कि एसआईआर कार्य को समय पर पूरा करने वाले बीएलओ को पुरस्कृत भी किया जाएगा। पुरस्कार के तौर पर उन्हें परिवार के साथ अच्छे होटल में दोपहर और शाम का भोजन कराया जाएगा, साथ ही भिनगा जंगल स्थित फ्रेश वाटर मैंग्रूव सफारी का नि:शुल्क आनंद लेने का अवसर भी मिलेगा।
एसआईआर के तहत कुल आठ लाख 17 हजार 848 गणना प्रपत्र वितरित किए गए थे। हालांकि, इन्हें जमा कर एप पर अपलोड करने की प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है। अब तक लगभग साढ़े तीन लाख गणना प्रपत्र ही जमा हो पाए हैं, जो अपेक्षित संख्या से काफी कम हैं। इस गतिरोध को तोड़ने के लिए जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधानों और पंचायत कर्मचारियों को भी इस कार्य में लगाया है, ताकि गणना प्रपत्रों के संग्रहण और अपलोडिंग प्रक्रिया को तेज किया जा सके।
