यूपी के 40521 किसानों को मिलेंगे सोलर पंप, 15 दिसंबर तक करें आवेदन
उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण पहल कर रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में, प्रदेश के 40,521 ‘अन्नदाता किसानों’ को सब्सिडी पर सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। इस योजना का लाभ उठाने के इच्छुक किसान 15 दिसंबर तक कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.agriculture.up.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
योजना के तहत अनुदान पर सोलर पंप केवल उन्हीं पंजीकृत किसानों को मिलेंगे जिनका चयन ई-लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। किसानों को विभिन्न प्रकार के सोलर पंपों पर केंद्र और राज्य सरकार से भारी छूट मिलेगी, जो उनकी आय बढ़ाने और खेती को अधिक किफायती बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
कृषि विभाग द्वारा किसानों को अलग-अलग एचपी (हॉर्स पावर) के सोलर पंपों पर अनुदान प्रदान किया जाएगा। उदाहरण के लिए, 2 एचपी डीसी/एसी सरफेस पंप पर राज्य सरकार 56,737 रुपये और केंद्र सरकार 41,856 रुपये का अनुदान देगी, जिससे कुल 98,593 रुपये का लाभ मिलेगा। इसी प्रकार, 2 एचपी डीसी सबमर्सिबल पंप पर 1,00,215 रुपये और 2 एचपी एसी सबमर्सिबल पंप पर 99,947 रुपये का अनुदान उपलब्ध होगा। 3 एचपी डीसी सबमर्सिबल पंप के लिए 1,33,621 रुपये और 3 एचपी एसी सबमर्सिबल पंप के लिए 1,32,314 रुपये का अनुदान मिलेगा, जिसमें राज्य का अंश 77,618 रुपये और केंद्र का अंश 54,696 रुपये होगा। 5 एचपी एसी सबमर्सिबल पंप पर 1,88,038 रुपये का अनुदान मिलेगा, जबकि 7.5 एचपी और 10 एचपी एसी सबमर्सिबल पंप पर किसानों को सर्वाधिक 2,54,983 रुपये तक का लाभ मिल सकता है।
ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया के लिए किसानों को वेबसाइट पर ‘अनुदान हेतु सोलर पंप की बुकिंग करें’ लिंक पर क्लिक करना होगा। बुकिंग कन्फर्मेशन के लिए किसानों को टोकन राशि के रूप में केवल पांच हजार रुपये जमा करने होंगे। बुकिंग सफल होने पर पंजीकृत मोबाइल नंबर पर सूचना प्राप्त होगी, जिसके बाद शेष धनराशि जमा करनी होगी। यदि किसान बैंक से ऋण लेकर अपना अंश जमा करते हैं, तो कृषि अवसंरचना निधि (एआईएफ) के तहत केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से ब्याज में तीन-तीन फीसदी (कुल छह फीसदी) की छूट प्रदान की जाएगी।
किसानों के लिए यह जानना भी आवश्यक है कि 2 एचपी पंप के लिए 4 इंच, 3 व 5 एचपी पंप के लिए 6 इंच, तथा 7.5 व 10 एचपी पंप के लिए 8 इंच की बोरिंग अनिवार्य होगी। यदि सत्यापन के समय बोरिंग नहीं पाई जाती है, तो टोकन राशि जब्त की जा सकती है और आवेदन निरस्त माना जाएगा। विभाग द्वारा विभिन्न एचपी के पंपों के लिए उपयुक्त बोरिंग की गहराई भी निर्धारित की गई है। पोर्टल पर जनपदवार लक्ष्य प्रदर्शित होंगे, जिससे किसान अपनी आवश्यकतानुसार चयन कर सकेंगे।
