यूपी: 9.19 लाख में बुक कराया था प्लॉट, 12 साल बाद कंपनी फरार, ग्राहक सन्न
बरेली के अखिलेश सक्सेना ने मैसर्स रोहतास प्रोजेक्ट्स लिमिटेड और नितिन भाटिया के विरुद्ध 9.19 लाख रुपये की धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया है। यह मामला वर्ष 2013 का है, जब सक्सेना ने लखनऊ में एक आवासीय प्लॉट बुक कराया था, जिसके लिए उन्होंने किस्तों में पूरी रकम अदा की। हालांकि, 12 साल बीत जाने के बाद भी उन्हें न तो प्लॉट मिला और न ही उनकी जमा की गई राशि वापस हुई। एसएसपी के आदेश पर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
अखिलेश सक्सेना ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि वर्ष 2013 में उन्होंने लखनऊ की सुल्तानपुर रोड स्थित रोहतास प्रोजेक्ट्स लिमिटेड की एक आवासीय योजना में 150 वर्ग गज का प्लॉट बुक किया था। इसके लिए उन्होंने 8.59 लाख रुपये चेक के माध्यम से कंपनी के खाते में जमा किए थे। कुछ समय बाद कंपनी ने उन्हें सूचित किया कि प्लॉट का क्षेत्रफल बढ़कर 155 वर्ग गज हो गया है और इसके लिए अतिरिक्त 1.14 लाख रुपये जमा करने होंगे। इस पर अखिलेश ने 60 हजार रुपये और जमा कर दिए, जिससे कुल जमा राशि 9.19 लाख रुपये हो गई।
कंपनी ने अखिलेश के साथ हुए एग्रीमेंट में 30 महीने का समय दिया था। कंपनी ने वादा किया था कि इस निश्चित अवधि में उन्हें प्लॉट की रजिस्ट्री करा दी जाएगी या फिर यदि वे प्लॉट नहीं लेना चाहते तो उन्हें 9500 रुपये प्रति गज के हिसाब से कुल 14.25 लाख रुपये वापस कर दिए जाएंगे। लेकिन, आरोप है कि 30 महीने तो दूर, 12 साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी कंपनी ने अपने वादे पूरे नहीं किए। जब अखिलेश ने लगातार कंपनी से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्हें यह जानकर गहरा सदमा लगा कि कंपनी बंद हो चुकी है और उसके अधिकारी लापता हैं।
यह घटना उत्तर प्रदेश में संपत्ति के नाम पर हो रही धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों की ओर इशारा करती है। हाल ही में कानपुर में प्लॉट दिलाने के नाम पर 35 लाख रुपये की ठगी और पंचकूला में कमर्शियल प्लॉट के नाम पर 48 लाख रुपये की धोखाधड़ी जैसे मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि कैसे जालसाज भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। अखिलेश सक्सेना के मामले में, लगातार प्रयासों के बाद, एसएसपी के हस्तक्षेप पर मैसर्स रोहतास प्रोजेक्ट्स लिमिटेड और नितिन भाटिया के विरुद्ध कोतवाली थाने में धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और आरोपितों को कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके।
