योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: लेखपाल के 8940 रिक्त पदों पर चैनमैनों को मिलेगी पदोन्नति
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लेखपाल के रिक्त पड़े 8940 पदों को भरने की दिशा में योगी सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश लेखपाल सेवा (पंचम संशोधन) नियमावली-2025 को मंज़ूरी दे दी है, जिसके तहत इन रिक्तियों में से दो प्रतिशत पदों को चैनमैनों की पदोन्नति से भरा जाएगा। यह कदम राजस्व विभाग द्वारा भेजे गए एक प्रस्ताव के बाद उठाया गया है, जिसका उद्देश्य सरकारी कार्यों को गति प्रदान करना और कर्मचारियों को पदोन्नति के अवसर उपलब्ध कराना है।
वर्तमान में, उत्तर प्रदेश में लेखपालों के कुल 30,837 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 21,897 पद भरे हुए हैं और 8940 पद अभी भी रिक्त हैं। इन रिक्त पदों को भरने के लिए अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती की प्रक्रिया भी चल रही है। हालांकि, इस कैबिनेट निर्णय के बाद, अब इन रिक्तियों का एक हिस्सा, यानी लगभग 178 पद (8940 का 2%), उन चैनमैनों को पदोन्नत करके भरे जाएंगे जिन्होंने अपनी छह वर्ष की सेवा पूरी कर ली है और इंटरमीडिएट या उसके समकक्ष की शैक्षणिक योग्यता रखते हैं।
राजस्व विभाग ने इस पदोन्नति प्रक्रिया को शुरू करने का प्रस्ताव भेजा था, क्योंकि लेखपालों की भूमिका सरकार की विभिन्न योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर उतारने और आम जनता तक उनका लाभ पहुँचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। भूमि अभिलेखों के रख-रखाव से लेकर ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन तक, लेखपाल प्रशासन की रीढ़ होते हैं। उनकी कमी से सरकारी कामकाज प्रभावित होता है, और यह निर्णय इस कमी को आंशिक रूप से दूर करने में मदद करेगा।
यह निर्णय सरकार की उस व्यापक नीति का भी हिस्सा प्रतीत होता है, जिसके तहत पदोन्नति से जुड़े मामलों में देरी को समाप्त करने और कर्मचारियों को समय पर अवसर प्रदान करने पर ज़ोर दिया जा रहा है। हाल ही में, सरकार ने पदोन्नति से जुड़े पदों पर चयन प्रक्रिया को नहीं रोकने और इसके लिए समय-सीमा तय करने का निर्देश भी दिया था। इस तरह, लेखपालों की पदोन्नति न केवल रिक्त पदों को भरेगी बल्कि कार्यरत कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ाएगी, जिससे उनकी कार्यकुशलता में वृद्धि होने की उम्मीद है। यह पहल सुशासन की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, जो जनता को बेहतर सेवाएँ सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगी।
