अयोध्या में बनेगा भव्य विश्वस्तरीय संग्रहालय, योगी सरकार देगी 27 एकड़ अतिरिक्त जमीन
रामलला की पावन नगरी अयोध्या को एक नई आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान मिलने जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके तहत अयोध्या में एक विश्वस्तरीय संग्रहालय का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना को और भव्य बनाने के उद्देश्य से, टाटा संस को 27 एकड़ अतिरिक्त जमीन प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 21 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें से 20 को मंजूरी मिली। बैठक के बाद, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि टाटा ट्रस्ट ने अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) फंड के माध्यम से एक अत्याधुनिक मंदिर संग्रहालय विकसित करने और उसके संचालन की इच्छा व्यक्त की है। इस परियोजना के लिए टाटा संस को कंपनी अधिनियम 2013 की धारा आठ के तहत एक गैर-लाभकारी विशेष प्रयोजन इकाई (एसपीवी) के माध्यम से विकसित किया जाएगा, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
परियोजना के लिए पहले 25 एकड़ भूमि 90 वर्षों के लिए एक रुपये की टोकन राशि पर तीन सितंबर 2024 को टाटा संस को सौंपी जा चुकी थी। हालांकि, संग्रहालय की भव्यता और विस्तार की योजना को देखते हुए, टाटा संस ने अधिक भूमि की आवश्यकता जताई थी। इसी के मद्देनजर, सरकार ने अब 27.102 एकड़ अतिरिक्त भूमि निश्शुल्क हस्तांतरण के माध्यम से पर्यटन विभाग के पक्ष में करने का निर्णय लिया है। इस प्रकार, अब यह संग्रहालय कुल 52.102 एकड़ भूमि पर विस्तृत होगा, जिससे इसके दायरे में काफी वृद्धि होगी।
इस विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय के तैयार होने से अयोध्या को न केवल एक नई सांस्कृतिक पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इसके अतिरिक्त, बढ़ते पर्यटन से प्रदेश सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होने की उम्मीद है। यह संग्रहालय युवा पीढ़ी, विदेशी सैलानियों और भारतीय संस्कृति में गहरी रुचि रखने वाले आगंतुकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बनेगा। इसमें भारतीय संस्कृति, सभ्यता, प्राचीन मंदिर कला और ऐतिहासिक धरोहरों को प्रदर्शित किया जाएगा, जो आगंतुकों को भारत की समृद्ध विरासत से रूबरू कराएगा।
