अयोध्या के शिखर पर फहराई गई गौरवशाली धर्म ध्वजा, कानपुर में हुआ निर्माण
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भव्य शिखर पर मंगलवार को सनातन धर्म की एक गौरवशाली पताका फहराई गई, जो न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि भारत की समृद्ध संस्कृति और ऐतिहासिक परंपराओं का प्रतीक भी है। यह विशेष धर्म ध्वजा कानपुर की आयुध पैराशूट निर्माणी (ओपीएफ) में तैयार की गई है, जो अपनी गुणवत्ता और मजबूती के लिए जानी जाती है।
यह केसरिया रंग की, त्रिभुजाकार धर्म ध्वजा 18 फीट लंबी और 9 फीट ऊंची है। इसके डिजाइन में कोविदार वृक्ष और सूर्य के मध्य में ओम का प्रतीक चिह्न अंकित है, जो सनातन धर्म की गहनता और पवित्रता को दर्शाता है। सूत्रों के अनुसार, यह ध्वजा सूर्यवंश की परंपरा और रामायण काल की स्मृतियों को अपने में समेटे हुए है।
इस धर्म ध्वजा के निर्माण में विशेष प्रकार के नायलॉन कपड़े का प्रयोग किया गया है, जो कृत्रिम सिंथेटिक पॉलीमर से निर्मित है। यह सामग्री इसे अत्यंत मजबूत और टिकाऊ बनाती है। पैराशूट फैब्रिक की तरह, यह ध्वजा धूप, वर्षा और तेज हवाओं का सामना करने में सक्षम है। इसकी एक और खासियत यह है कि यह मजबूत होने के साथ-साथ लचीलापन बनाए रखता है और हल्का भी रहता है। सिंथेटिक परत के कारण नमी, गर्मी और तापमान में बदलाव का इस पर कम असर पड़ता है। लगभग दो किलोग्राम वजन वाली इस ध्वजा की आयु करीब तीन साल बताई जा रही है।
आयुध पैराशूट निर्माणी द्वारा मुख्य शिखर के लिए 25 ऐसी ध्वजाएं और पूरक मंदिरों के लिए छह गुणा चार फीट के आकार की 100 ध्वजाएं बनाकर मंदिर को सौंपी गई हैं। 161 फीट ऊंचे शिखर पर 30 फीट के ध्वजदंड पर यह ध्वजा धरती से 191 फीट की ऊंचाई पर फहराई गई है। इस उपलब्धि पर आयुध निर्माणी के कर्मचारी और कानपुरवासी अत्यंत गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह धर्म ध्वजा न केवल अयोध्या के मंदिर की शोभा बढ़ा रही है, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय भी है।
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