बिहार-यूपी को जोड़ने वाली Chhitauni Tamkuhi railway project का काम शुरू, 16 साल बाद मिली गति
बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण विकास हुआ है। छितौनी-तमकुही ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना पर अब जमीनी स्तर पर काम शुरू हो गया है। रेलवे ट्रैक पर पटरी बिछाने के लिए स्लीपर की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। इस परियोजना से गंडक पार के पिपरासी, मधुबनी, भितहा, ठकरहा जैसे प्रखंडों के लाखों लोगों को सीधा रेल संपर्क मिलेगा। स्थानीय निवासियों में इस प्रगति को लेकर खुशी का माहौल है।
यह परियोजना 2007 में शुरू हुई थी, जब तत्कालीन रेल मंत्री ने इसका शिलान्यास किया था। हालांकि, विभिन्न कारणों से यह परियोजना लंबे समय तक लंबित रही। अब 16 साल बाद इस पर तेजी से काम शुरू हुआ है।
गोरखपुर रेलवे विभाग की टीम ने रेल लाइन के दायरे में आने वाले पेड़ों का सर्वे पूरा कर लिया है। जटहा स्थित जरार गांव में एक मॉडल रेलवे स्टेशन के निर्माण के लिए भूमि भी चिन्हित की गई है। प्रथम चरण में छितौनी से बिहार के मधुबनी प्रखंड तक रेल पटरी बिछाने का रास्ता साफ हो गया है। निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और पुल-पुलिया निर्माण के लिए मिट्टी जांच भी हो चुकी है।
पनियहवा से छितौनी तक लगभग दो किलोमीटर रेल पटरी पहले ही बिछाई जा चुकी है और इस खंड पर रेल इंजन का सफल ट्रायल भी हो चुका है। छितौनी रेलवे स्टेशन की साफ-सफाई भी पूरी कर दी गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस रेल लाइन के निर्माण से क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी। यह न केवल आवागमन को आसान बनाएगा, बल्कि व्यापार, आयात-निर्यात और रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा। इसके अलावा, गंडक नदी के कटाव से निपटने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
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