मुजफ्फरपुर जंक्शन पर विजिलेंस का छापा, क्लर्क के पास मिले अधिक पैसे, Muzaffarpur railway news
मुजफ्फरपुर जंक्शन पर यात्रियों से अधिक पैसे वसूलने की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पूर्व मध्य रेल मुख्यालय की विजिलेंस टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। टीम ने जंक्शन के अनारक्षित टिकट (UTS) काउंटरों पर छापा मारा, जिसमें एक वरिष्ठ वाणिज्य लिपिक को पकड़ा गया। विजिलेंस टीम ने काउंटर नंबर चार पर तैनात लिपिक प्रदीप कुमार के पास से काउंटर में 90 रुपये अतिरिक्त पाए। तलाशी के दौरान उनकी जेब से भी 1775 रुपये अतिरिक्त मिले, जिसके संबंध में वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
विजिलेंस अधिकारियों को लंबे समय से मुजफ्फरपुर सहित कई स्टेशनों पर यात्रियों से ज्यादा पैसे लेने की शिकायतें मिल रही थीं। टीम ने पहले बाहर से काउंटरों की निगरानी की और फिर अचानक अंदर घुसकर जांच शुरू कर दी। यह छापेमारी उस दिन की गई जब मुजफ्फरपुर-चेरलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस खुलती है, जिसके टिकट को लेकर भी अधिक राशि लिए जाने की शिकायतें थीं।
वरिष्ठ वाणिज्य लिपिक प्रदीप कुमार ने काउंटर में मिले 90 रुपये को खुदरा न होने का कारण बताया, जबकि जेब में मिले पैसे को दवा खरीदने के लिए घर से लाने की बात कही। विजिलेंस टीम ने उनके स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए मामला दर्ज किया। पकड़े गए 1775 रुपये को सरकारी खजाने में जमा करा दिया गया है।
इस दौरान अन्य काउंटरों की भी जांच की गई। काउंटर नंबर एक पर तैनात वरिष्ठ वाणिज्य लिपिक अमिता कुमारी के काउंटर में 155 रुपये कम पाए गए। विजिलेंस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि काउंटर पर पैसे अधिक या कम मिलना, दोनों ही अपराध की श्रेणी में आता है। हालांकि, टीम में महिला अधिकारी न होने के कारण अमिता कुमारी की सही तरीके से जांच नहीं हो सकी। काउंटर नंबर दो पर तैनात नीतेश कुमार की जांच में सब कुछ सही पाया गया। विजिलेंस टीम ने पूरी रिपोर्ट पूर्व मध्य रेल मुख्यालय के चीफ विजिलेंस ऑफिसर को भेज दी है, जिस पर आगे की कार्रवाई की कार्रवाई की जाएगी।
