ओवरलोड ट्रैक्टरों की स्टंटबाजी, मऊ-मझवारा शहीद मार्ग पर यातायात नियमों की धज्जियां
मऊ-मझवारा शहीद मार्ग पर ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों द्वारा यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ये वाहन चालक खतरनाक स्टंटबाजी करते हुए न केवल अपनी, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य वाहन चालकों और पैदल चलने वालों की जान भी जोखिम में डाल रहे हैं। सीमेंट, मिट्टी और ईंट से लदी इन ओवरलोड ट्रॉलियों के कारण अक्सर ट्रैक्टर के पिछले पहिए सड़क से ऊपर उठ जाते हैं, जिससे वाहन अनियंत्रित हो जाता है।
कोपागंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इंदारा रेलवे पश्चिमी क्रासिंग, अदरी, कसारा, रईसा और अन्य संवेदनशील स्थानों पर यह दृश्य आम हो गया है। सूत्रों के अनुसार, ट्रैक्टर चालक कई बार पच्चीस से पचास मीटर तक आगे के टायरों को हवा में उठाकर ट्रैक्टर चलाते हैं, जो किसी भी क्षण बड़े हादसे का सबब बन सकता है। शुक्रवार शाम को भी इंदारा रेलवे क्रासिंग के पास एक ओवरलोड सीमेंट भरी ट्रॉली के साथ ऐसे ही स्टंट देखने को मिले।
स्थानीय निवासियों ने इस गंभीर समस्या की ओर जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। विपुल पांडेय, अमित रंजन, विपिन शुक्ला, प्रिंस गुप्ता, जितेन्द्र कुमार, अश्वनी कुमार, अनिल सिंह, सुजीत और अन्य स्थानीय लोगों ने कहा है कि यातायात माह के अंतिम सप्ताह में भी आरटीओ विभाग द्वारा इस मार्ग पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस निष्क्रियता से लोगों में आक्रोश है और वे प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
इन ओवरलोड और स्टंटबाज वाहनों के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। ये वाहन असंतुलित होकर कभी भी पलट सकते हैं, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है। यह लापरवाही न केवल सड़क पर चलने वाले अन्य वाहनों के लिए, बल्कि पैदल चलने वालों के लिए भी एक बड़ा खतरा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान दे, ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की नियमित जांच करे और दोषी चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। समाज में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है, ताकि सड़क पर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके।
