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वर्जिनिटी सर्टिफिकेट मामला: मदरसे की प्रिंसिपल और इंचार्ज पर पॉक्सो समेत कई धाराओं में चार्जशीट

By Nov 24, 2025

मुरादाबाद पुलिस ने एक प्रतिष्ठित मदरसे की छात्रा से वर्जिनिटी सर्टिफिकेट मांगने के गंभीर मामले में एक महीने के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस प्रकरण में मदरसे की प्रधानाचार्य रहनुमा और एडमिशन सेल के प्रभारी मोहम्मद शाहजहां को मुख्य आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने कार्रवाई छात्रा, उसके पिता और मां के बयानों को मुख्य साक्ष्य के रूप में आधार बनाते हुए की है। प्राथमिकी में दर्ज अपमानित करने, धमकी देने और पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) एक्ट की धाराओं को चार्जशीट में भी बरकरार रखा गया है।

पुलिस ने शुक्रवार को प्रधानाचार्य रहनुमा के सहारनपुर स्थित आवास पर पहुंचकर उन्हें नोटिस तामील कराया। इसके बाद उन्हें बाहर से ही जमानत मिल गई। वहीं, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जेल भेजे गए एडमिशन सेल प्रभारी मोहम्मद शाहजहां भी पहले ही जमानत पर रिहा हो चुके हैं।

यह मामला मुरादाबाद के मदरसा जामिया एहसान-उल-बनात से जुड़ा है। चंडीगढ़ निवासी एक छात्रा के पिता ने 24 अक्टूबर को मदरसे की प्रधानाचार्य रहनुमा, एडमिशन सेल प्रभारी मोहम्मद शाहजहां और अन्य स्टाफ के खिलाफ़ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2024 में उन्होंने अपनी बेटी का कक्षा सात में दाखिला कराया था और इस साल आठवीं में प्रवेश के लिए मदरसे पहुंचे थे।

आरोप है कि 16 जुलाई को बेटी के साथ चंडीगढ़ गए पिता और 21 अगस्त को मदरसे लौटने के बाद, प्रवेश प्रक्रिया के दौरान प्रधानाचार्य और एडमिशन सेल प्रभारी ने पहले ₹35,000 की फीस जमा करवाई। इसके बाद, उन्होंने छात्रा से वर्जिनिटी सर्टिफिकेट मांगा। जब छात्रा ने इसका विरोध किया, तो उसके साथ अभद्रता की गई और उसे मदरसे से बाहर निकाल दिया गया।

पुलिस ने बिहार के पूर्णियां जिले के पुरखरिया निवासी एडमिशन सेल प्रभारी मोहम्मद शाहजहां को 24 अक्टूबर को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गर्भवती प्रधानाचार्य रहनुमा इस घटना के बाद से फरार चल रही थीं और उन्होंने बाद में एक बच्चे को जन्म भी दिया। विवेचक के अनुसार, दर्ज प्राथमिकी में शामिल सभी धाराएं सात साल से कम सजा वाली थीं, जिसके चलते प्रधानाचार्य को नोटिस तामील कराकर वहीं से जमानत दे दी गई।

थानाध्यक्ष ने बताया कि पीड़ित पक्ष की गवाही के आधार पर प्रधानाचार्य और एडमिशन सेल प्रभारी को आरोपी बनाकर चार्जशीट दाखिल की गई है।

इस बीच, डीएम द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) भी मामले की जांच कर रही है। एसआईटी को मदरसा प्रबंधन से मिले प्रपत्रों के बाद विदेशी फंडिंग के सुराग मिलने की बात भी सामने आई है। लीड बैंक मैनेजर के नेतृत्व में एक टीम संबंधित खातों के लेन-देन का विस्तृत ब्यौरा जुटा रही है। अब सभी की निगाहें इस जांच की रिपोर्ट पर टिकी हैं।

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