विश्व का सबसे ऊंचा शिवलिंग पहुंचा सिकंदराबाद, बिहार की ओर बढ़ा कारवां
तमिलनाडु के महाबलीपुरम से शुरू हुई दुनिया के सबसे ऊंचे शिवलिंग की यात्रा अपने गंतव्य की ओर तेजी से बढ़ रही है। 33 फीट ऊंचे और 210 मीट्रिक टन वजनी इस विशाल शिवलिंग ने तेलंगाना के सिकंदराबाद को भी पार कर लिया है। अब यह बिहार के पूर्वी चंपारण जिले की ओर अग्रसर है, जहां इसे कैथवलिया में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर में स्थापित किया जाना है।
महाबलीपुरम की पवित्र भूमि पर तैयार होने के बाद 21 नवंबर को इस शिवलिंग की यात्रा प्रारंभ हुई थी। लगभग 800 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर यह अद्भुत कलाकृति अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रही है। सूत्रों के अनुसार, 15 दिसंबर तक इसके बिहार के पूर्वी चंपारण पहुंचने की उम्मीद है। यह भव्य शिवलिंग केशरनाथ महादेव की पूज्य धरती पर स्थापित होकर भक्तों के लिए आस्था का एक प्रमुख केंद्र बनेगा, जिसका लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
महावीर मंदिर पटना के जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, शिवलिंग के मध्य प्रदेश पहुंचते ही महावीर मंदिर की एक विशेष टीम इस यात्रा में शामिल हो जाएगी। यह टीम आगे की यात्रा की लगातार निगरानी करेगी और सुनिश्चित करेगी कि यात्रा सुचारू रूप से आगे बढ़े। जगह-जगह स्वागत और पूजन के साथ यह महायात्रा अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही है, जो श्रद्धालुओं के बीच अपार उत्साह का संचार कर रही है।
पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया-चकिया मार्ग पर स्थित कैथवलिया में महावीर मंदिर न्यास, पटना द्वारा विराट रामायण मंदिर का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। अपने विशाल स्वरूप के कारण यह मंदिर दुनिया के बड़े मंदिरों में गिना जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत वर्ष 2012 में महावीर मंदिर न्यास के तत्कालीन सचिव स्व. किशोर कुणाल द्वारा की गई थी, जिन्होंने अपने जीवन के अंतिम क्षणों तक इस कार्य को आगे बढ़ाया।
मंदिर के निर्माण कार्य ने 20 जून 2023 को आधारशिला पूजन के साथ गति पकड़ी, जिसमें पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल भी शामिल हुए थे। मंदिर की नींव का काम पूरा हो चुका है और अब इसके ऊपरी ढाँचे का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस विराट रामायण मंदिर का निर्माण न केवल भारतीय वास्तुकला का एक अद्भुत नमूना होगा, बल्कि यह आध्यात्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।
