0

विनायक चतुर्थी 2025: गणेश कृपा से दूर होंगी बाधाएं, दीपक के ये उपाय लाएंगे खुशहाली

By Nov 21, 2025

हिंदू धर्म में विनायक चतुर्थी का विशेष स्थान है, जो हर माह शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। यह पावन तिथि विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य भगवान गणेश को समर्पित है। पंचांग के अनुसार, वर्ष 2025 में विनायक चतुर्थी 24 नवंबर को मनाई जाएगी। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने और विशेष रूप से रात में दीपक से जुड़े कुछ सरल उपाय अपनाने से जीवन की सभी परेशानियां दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

विनायक चतुर्थी के दिन पूजा संपन्न होने के पश्चात या रात्रि में सोने से पूर्व, एक मिट्टी के दीपक में गाय का शुद्ध घी भरकर उसमें चार लौंग डालकर जलाना अत्यंत फलदायी माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस उपाय से दरिद्रता का नाश होता है और धन प्राप्ति के नए मार्ग प्रशस्त होते हैं। दीपक जलाते समय भगवान गणेश के चरणों में 21 दूर्वा की गांठें अर्पित करना और ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करना विशेष रूप से लाभकारी होता है।

एक अन्य प्रभावी उपाय के तौर पर, विनायक चतुर्थी की रात को आटे का दीपक बनाकर उसमें सरसों या तिल का तेल भरकर पीपल के वृक्ष के नीचे जलाया जाता है। यह उपाय शनि और राहु के अशुभ प्रभावों से मुक्ति दिलाने में सहायक होता है। इसके अतिरिक्त, यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से किसी असाध्य रोग या कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है, तो इस उपाय को करने से धन संबंधी सभी मुश्किलें दूर होने की संभावना रहती है।

घर के मुख्य द्वार पर, अंदर की ओर मुख करके, दो मुखी दीपक जलाना भी विनायक चतुर्थी की रात का एक महत्वपूर्ण उपाय बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि मुख्य द्वार पर दीपक प्रज्वलित करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश अवरुद्ध होता है।

यदि आप किसी महत्वपूर्ण कार्य में लगातार बाधाओं का अनुभव कर रहे हैं, तो विनायक चतुर्थी की पूजा आरंभ करते समय भगवान गणेश के समक्ष शुद्ध घी का एक अखंड दीपक जलाएं। दीपक जलाते समय भगवान गणेश के वैदिक मंत्रों का जाप करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है और कार्यों में आ रही सभी रुकावटें दूर होती हैं।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि दीपक हमेशा एक स्वच्छ स्थान पर ही जलाना चाहिए। दीपक जलाने से पूर्व और पश्चात भगवान गणेश का स्मरण करें और अपनी मनोकामनाएं व्यक्त करें। पूजा के दौरान तुलसी का प्रयोग वर्जित है, क्योंकि भगवान गणेश को तुलसी अर्पित नहीं की जाती है।

About

Journalist covering latest updates.

साझा करें