विनायक चतुर्थी 2025: गणेश जी के इन मंत्रों से सिद्ध करें अपने सारे अटके काम
पंचांग के अनुसार, इस वर्ष मार्गशीर्ष माह की विनायक चतुर्थी 24 नवंबर, सोमवार को पड़ रही है। यह पर्व प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को बड़े श्रद्धा और भक्तिभाव से मनाया जाता है। इस दिन भगवान गणेश की विशेष पूजा की जाती है और कई भक्त व्रत भी रखते हैं।
मान्यता है कि विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन में सुख और सौभाग्य का आगमन होता है। साथ ही, यह दिन सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है। जो भक्तगण विघ्नहर्ता गणेश जी की कृपा पाना चाहते हैं और अपने कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करना चाहते हैं, उन्हें विनायक चतुर्थी के पावन अवसर पर पूजा के दौरान कुछ विशेष मंत्रों का जाप अवश्य करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इन मंत्रों के जाप से गणेश जी प्रसन्न होते हैं और सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
पूजा के दौरान इन शक्तिशाली मंत्रों का करें जाप:
1. ‘ऊँ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ । निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा ॥’
यह मंत्र भगवान गणेश के वक्रतुंड स्वरूप की स्तुति करता है और उनसे सभी कार्यों को निर्विघ्न संपन्न करने की प्रार्थना करता है।
2. ‘ऊँ एकदन्ताय विहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात् ॥’
यह एक अत्यंत प्रभावी गायत्री मंत्र है, जो भगवान गणेश के एकदंत और वक्रतुंड स्वरूप का ध्यान करता है और उनसे मार्गदर्शन की याचना करता है।
3. ‘गणपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बक:। नीलग्रीवो लम्बोदरो विकटो विघ्रराजक :।। धूम्रवर्णो भालचन्द्रो दशमस्तु विनायक:’
यह मंत्र भगवान गणेश के विभिन्न नामों और स्वरूपों का उल्लेख करता है, जैसे गणों के पूज्य, वक्रतुंड, एकदंत वाले, त्रिनेत्रधारी, नीलकंठ, लम्बोदर, विकट, विघ्नराज, धूम्रवर्ण और भालचन्द्र। इसका जाप गणेश जी के संपूर्ण स्वरूप का आह्वान करता है।
