विधवा को परेशान करने पर बीमा कंपनी पर ₹8.11 लाख का जुर्माना
देहरादून में एक विधवा महिला को उसके दिवंगत पति द्वारा लिए गए ऋण को चुकाने के लिए परेशान करने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर एचडीएफसी एर्गो जीआइसी लिमिटेड पर 8.11 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। प्रशासन ने बीमा कंपनी को चेतावनी दी है कि यदि पांच दिनों के भीतर ऋण माफ नहीं किया गया तो कंपनी की संपत्ति कुर्क कर ली जाएगी।
यह मामला तब सामने आया जब सुप्रिया नौटियाल नामक विधवा महिला ने जनता दरबार में जिलाधिकारी से गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि उनके पति प्रदीप रतूड़ी ने वाहन खरीदने के लिए एचडीएफसी बैंक से 8.11 लाख रुपये का ऋण लिया था, जिसके लिए बीमा कराना अनिवार्य था। पति ने एचडीएफसी एर्गो जीआइसी लिमिटेड से ऋण का बीमा भी कराया था।
हालांकि, सुप्रिया का आरोप है कि बीमा संबंधी कोई भी भौतिक दस्तावेज उन्हें कभी उपलब्ध नहीं कराया गया। पति की मृत्यु के बाद, एचडीएफसी बैंक द्वारा उन पर ऋण चुकाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है और ऋण न चुका पाने की स्थिति में वाहन जब्त करने की धमकी दी जा रही है। जब सुप्रिया ने बैंक को ऋण के बीमा के बारे में बताया, तो बैंक ने जिम्मेदारी बीमा कंपनी पर डाल दी।
बीमित ऋण होने के बावजूद विधवा महिला को लगातार प्रताड़ित किए जाने से नाराज जिलाधिकारी ने बीमा कंपनी की इस कृत्य को बीमा धोखाधड़ी मानते हुए उस पर भारी जुर्माना लगाया है। जिलाधिकारी ने तहसीलदार सदर को निर्देश दिया है कि एचडीएफसी एर्गो जीआइसी लिमिटेड, 24ए न्यू कैन्टोनमेंट रोड विजय कालोनी से 8.11 लाख रुपये की वसूली की जाए। यह कार्रवाई प्रशासन द्वारा आम नागरिकों के हितों की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
