व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी: अफगानी आरोपी को अमेरिकी सैनिकों ने दी थी ट्रेनिंग
अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में राष्ट्रपति आवास व्हाइट हाउस के पास हुई गोलीबारी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हमले में दो नेशनल गार्ड जवानों सहित कुल तीन लोग घायल हुए हैं। घटना को अंजाम देने वाले 29 वर्षीय अफगानी नागरिक को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हमलावर रहमानुल्लाह लकनवाल, जो कि अफगानिस्तान का नागरिक है, इससे पहले अमेरिकी सेना में सैनिक के तौर पर काम कर चुका है। वह अफगानी शासन के दौरान ’01 यूनिट’ नामक एक विशेष इकाई में भी शामिल था। इस यूनिट की स्थापना, प्रशिक्षण और उसे आवश्यक उपकरण अमेरिकी खुफिया एजेंसियों द्वारा प्रदान किए गए थे।
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के सूत्रों ने बताया कि इस विशेष यूनिट के कई सदस्यों को मनोवैज्ञानिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं के कारण कई बार आत्महत्याएं और दूसरों पर हमले जैसी घटनाएं सामने आई हैं।
घटना के विवरण के अनुसार, रहमानुल्लाह ने नॉर्थवेस्ट डीसी में फर्रागुट वेस्ट मेट्रो स्टेशन के पास इंतजार किया और फिर एक महिला गार्ड के सीने में गोली मार दी, जिसके बाद उसके सिर में भी गोली मारी। इसके बाद उसने दूसरे गार्ड पर तब तक गोलियां चलाईं, जब तक कि एक तीसरे गार्ड ने दौड़कर उसे पकड़ नहीं लिया। दोनों हथियारबंद जवान उस समय सड़कों पर गश्त कर रहे थे। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रहमानुल्लाह लकनवाल ‘ऑपरेशन एलाइज वेलकम’ के तहत अमेरिका आया था और उसे वाशिंगटन के बेलिंगहैम में बसाया गया था। इस पहल के माध्यम से लगभग 76,000 अफगानी नागरिक अमेरिका पहुंचे थे, जिनमें से कई ने अमेरिकी सैनिकों और राजनयिकों के लिए दुभाषिए और अनुवादक के रूप में काम किया था।
नेशनल गार्ड के सदस्यों पर हमला करने के बाद, रहमानुल्लाह लकनवाल पर कथित तौर पर चार बार गोलियां चलाई गईं। इसके बाद उसे नग्न अवस्था में एम्बुलेंस से ले जाया गया। पुलिस के अनुसार, उसने यह हमला अकेले ही किया है, हालांकि उसने अपने इस कृत्य का कारण अभी तक नहीं बताया है।
