अवैध बालू जब्त करने पर तहसीलदार पर हमला, ‘किंग ऑफ मयूरभंज’ समेत 3 गिरफ्तार
मयूरभंज जिले के बेतनटी में अवैध बालू के खिलाफ कार्रवाई तहसीलदार के लिए भारी पड़ गई, जब बालू माफियाओं ने न केवल उन्हें बल्कि वाहन चालक और तीन अन्य कर्मचारियों पर भी बेरहमी से हमला कर दिया। यह घटना बुधवार दोपहर तब हुई जब तहसीलदार चंद्रजीत बेहरा ने ओडी-11एई-3234 नंबर वाले अवैध बालू लदे ट्रैक्टर को जब्त किया। इस कार्रवाई से बौखलाए 15-20 लोगों के एक समूह ने तहसीलदार और उनके कर्मचारियों पर संगठित होकर हमला बोल दिया। इस हमले में तहसीलदार बेहरा और वाहन चालक निहार रंजन बिश्वाल गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि राजस्व सुपरवाइज़र हेमकांत महंत, युगपुरा राजस्व निरीक्षक संजीव महंत और सत्यव्रत नायक को भी चोटें आईं।
तहसीलदार की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज होते ही प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गई। रात में एसडीपीओ मिनति बिश्वाल के नेतृत्व में बेतनटी, बड़ा साहि और बैसिंगा पुलिस की संयुक्त टीमों ने विभिन्न स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई में मुख्य आरोपी, बरतना़ गांव निवासी प्रशांत गाई और उसके सहयोगी सुसांत गाई को बेतनटी के पास एक जंगल से गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही, जिले के कुख्यात बालू माफिया सरगना माने जाने वाले और ‘किंग ऑफ मयूरभंज’ नामक व्हाट्सएप ग्रुप चलाने वाले शूनगड़िया क्षेत्र के माजल हुसैन को बारीदा क्षेत्र से पकड़ा गया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
घटना के बाद, मयूरभंज के अतिरिक्त एसपी गौतम किसन ने बेतनटी थाने पहुंचकर जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए। वहीं, उपजिलापाल दयासिंधु परिड़ा के नेतृत्व में एक संयुक्त सब-डिविजनल एनफोर्समेंट टीम, जिसमें बेतनटी बीडीओ, विभिन्न तहसीलदार, अतिरिक्त तहसीलदार और जिला खनन अधिकारी शामिल थे, ने दिनभर बड़ा साही और बेतनटी ब्लॉक के अंतर्गत बुद्धाबलंग नदी घाटों पर छापेमारी की। इस दौरान माधपुर और काठपाल घाटों से जब्त की गई अवैध बालू की ढाई लाख रुपये में नीलामी की गई। काठपाल घाट से बालू खनन के लिए इस्तेमाल की जा रही एक मशीन को भी जब्त किया गया। पुलिस जब्त किए गए मोबाइल फोन के आधार पर ‘किंग ऑफ मयूरभंज’ व्हाट्सएप ग्रुप की गतिविधियों की भी जांच कर रही है। हमले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।
