यूपी के 16 शहरों में बढ़ा प्रदूषण का खतरा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जारी किए सख्त निर्देश | uttar pradesh news
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हवा की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है, जिससे आम जनजीवन पर गंभीर असर पड़ रहा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग कमेटी ने एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें प्रदेश के 20 विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में यह बात सामने आई कि राज्य के 16 शहर प्रदूषण की मार झेल रहे हैं।
इन संवेदनशील शहरों में आगरा, लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर, वाराणसी, मेरठ, प्रयागराज, बरेली, मुरादाबाद, गोरखपुर, झांसी, फिरोजाबाद, रायबरेली, अनपरा और खुर्जा शामिल हैं। बढ़ते प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है और मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी कीमत पर खेतों में पराली न जलाई जाए। इसके साथ ही, धूल कणों को रोकने के लिए प्रमुख मार्गों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाएगा और सभी निर्माण स्थलों पर ग्रीन नेट का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्रशासनिक स्तर पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है, ताकि बिगड़ते पर्यावरण को समय रहते संभाला जा सके।
