यूपी के एमएसएमई को वॉलमार्ट से जोड़ा जाएगा, एक्सपोर्ट को मिलेगी नई उड़ान
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को वैश्विक मंच पर लाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो और वॉलमार्ट इंक के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए, जो वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम का हिस्सा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना और उन्हें ई-कॉमर्स के लिए तैयार करना है।
समझौते के तहत, उद्यमियों को पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रमाणीकरण और बाजार तक पहुंच जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण और मेंटरशिप प्रदान की जाएगी। यह साझेदारी तीन साल के लिए प्रभावी होगी और आपसी सहमति से इसका विस्तार भी किया जा सकता है। वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम के माध्यम से, छोटे व्यवसायों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर व्यापार करने के लिए आवश्यक ज्ञान और सहायता मिलेगी।
यह कदम उत्तर प्रदेश की निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025-30 के अनुरूप है, जो ई-कॉमर्स निर्यात को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान केंद्रित करती है। राज्य सरकार ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पहली बार लिस्टिंग के लिए 75% शुल्क (अधिकतम तीन लाख रुपये तक) का प्रोत्साहन भी दे रही है। अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने बताया कि यह साझेदारी एमएसएमई के लिए नए अवसर पैदा करेगी और उत्तर प्रदेश को देश का एक प्रमुख निर्यात और ई-कॉमर्स हब बनाने में मदद करेगी।
