UPPCL: नए बिजली कनेक्शन पर वसूली के 100 करोड़ वापस करने की मांग
उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को एक बड़ा झटका लगा है, जहाँ राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) पर नए बिजली कनेक्शनों के नाम पर करीब 100 करोड़ रुपये की अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगाया है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया है कि कारपोरेशन ने विद्युत नियामक आयोग को दिए अपने जवाब में यह स्वीकार किया है कि रीवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत प्राप्त धनराशि का उपयोग केवल मौजूदा उपभोक्ताओं के स्मार्ट प्रीपेड मीटर बदलने के लिए किया जाना था, न कि नए कनेक्शनों पर इन्हें लगाने के लिए।
सूत्रों के अनुसार, पावर कारपोरेशन ने आरडीएसएस के तहत खरीदे गए स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को लगभग 1.81 लाख नए बिजली कनेक्शनों पर लगाया और प्रति मीटर 6016 रुपये की राशि उपभोक्ताओं से वसूल की। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद का दावा है कि यह वसूली पूरी तरह से अवैध है, क्योंकि इन मीटरों को नए कनेक्शनों के लिए स्वीकृत नहीं किया गया था। परिषद ने नियामक आयोग से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और पावर कारपोरेशन के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
अवधेश कुमार वर्मा ने कहा, “कारपोरेशन ने आयोग को दिए जवाब में स्पष्ट कर दिया है कि आरडीएसएस फंड का उपयोग केवल मौजूदा मीटरों को बदलने के लिए था। इसके बावजूद, उन्होंने नए कनेक्शनों पर इन मीटरों को लगाकर उपभोक्ताओं का उत्पीड़न किया है और उनकी जेब पर डाका डाला है।” परिषद ने मांग की है कि नए कनेक्शनों पर उपभोक्ताओं से वसूली गई लगभग 100 करोड़ रुपये की राशि तुरंत वापस की जाए।
यह मामला उपभोक्ताओं के अधिकारों और सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि नियामक आयोग इस मामले में निष्पक्ष जांच करेगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा, ताकि भविष्य में ऐसी अवैध वसूली को रोका जा सके।
यूपी में मतदाता सूची पुनरीक्षण में लापरवाही: 60 शिक्षकों का वेतन रुका, 352 बीएलओ पर FIR की तलवार
गीता जीवन और मृत्यु दोनों का समाधान: सरसंघचालक मोहन भागवत
यूपी में मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण: गणना फॉर्म घर-घर, BLO बढ़ा रहे अपलोडिंग की रफ्तार
यूपी में मौसम का मिजाज बदला: अब चलेंगी ठंडी हवाएं, बढ़ेगी गलन वाली सर्दी
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे मुआवजा घोटाला: कई अधिकारी जांच के घेरे में, DM को सौंपी गई कमान
2040 तक भारत भेजेगा स्वदेशी अंतरिक्ष यान, 2035 तक बनेगा अपना स्पेस स्टेशन
