नोरा फतेही के गानों पर UP महिला आयोग की आपत्ति, ‘कनाडा वापस भेजो’ की मांग
उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही के ‘सरके चुनर तेरी सरके’ गाने में परोसी जा रही अश्लीलता पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस तरह के गाने समाज में गलत संदेश फैला रहे हैं और इन्हें परिवार के साथ बैठकर देखना उचित नहीं है। अलीगढ़ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि नोरा को भारत में पहचान मिली है, लेकिन उनके प्रदर्शन समाज के लिए ठीक नहीं हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि नोरा को वापस कनाडा भेज देना चाहिए।
चौहान ने सेंसर बोर्ड की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और पूछा कि वह ऐसे कंटेंट को कैसे अनुमति दे रहा है। इस मामले में आयोग की ओर से सेंसर बोर्ड को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने फिल्मों और गानों में बढ़ती अश्लीलता पर रोक लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि समाज में सकारात्मक माहौल बना रहे। इस तरह के कंटेंट पर कड़ी निगरानी की जरूरत है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, उन्होंने मुस्लिम महिलाओं से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि कई बार शिकायतें दर्ज होने के बाद भी महिलाएं फॉलोअप के लिए नहीं आतीं, जिससे समाधान अधूरा रह जाता है। कुछ मामलों में महिलाओं को सिखाकर भेजा जाता है, जिससे वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पाती। इन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए राज्य महिला आयोग एक नया ऐप विकसित करने की योजना बना रहा है, जिससे महिलाएं सीधे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगी और तकनीक के माध्यम से सशक्त होंगी।
इससे पहले, अलीगढ़ के मुस्लिम पर्सनल दारूल इफ्ता के शाही चीफ मुफ्ती ने नोरा फतेही के खिलाफ फतवा जारी किया था। फतवा में कहा गया था कि इस्लाम में अश्लील गाने, नृत्य और आपत्तिजनक दृश्यों में भाग लेना हराम है। मुफ्ती मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन ने गानों और दृश्यों को अश्लील बताते हुए कहा कि समाज में बेहयाई फैलाना अनैतिक और धार्मिक रूप से दंडनीय है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम होने के बावजूद नोरा फतेही ने ऐसे गाने में हिस्सा लेकर बड़ा पाप किया है।
