मिथिला के गौरव महाराज कामेश्वर सिंह की जयंती पर श्रद्धांजलि, शिक्षा-उद्योग में योगदान को किया गया याद
मिथिला के गौरव और दरभंगा राज के अंतिम शासक महाराज डॉ. कामेश्वर सिंह की 118वीं जयंती के अवसर पर कृष्णा धाम कॉलोनी में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में उनके कृतित्व और समाजोपयोगी कार्यों को स्मरण किया गया। अखिल भारतीय मैथिल ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदेव भारद्वाज ने महाराज कामेश्वर सिंह को उदारवीर बताते हुए कहा कि उन्होंने देशभर के कई शैक्षणिक संस्थानों को उदारतापूर्वक दान देकर समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि मिथिला धर्म, कर्म और मोक्ष की पावन भूमि है, जहां साधना, तंत्र, मंत्र और ज्ञान की अद्भुत परंपराएं आज भी जीवित हैं। महासचिव श्रीराम शर्मा ने कहा कि मिथिला ज्ञान एवं साहित्य की उर्वर भूमि रही है। महाराज कामेश्वर सिंह ने शिक्षा, कृषि, उद्योग और आधुनिक ज्ञान के विस्तार में अहम भूमिका निभाई और समाज को नई दिशा दी। इस अवसर पर राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नरेश कुमार शर्मा, राष्ट्रीय सचिव वीरपाल मिश्रा, इंजी. मनोज कुमार शर्मा, डॉ. आकाश शर्मा, भारत शर्मा आदि उपस्थित रहे।
