घने कोहरे में सफर खतरनाक! उत्तराखंड रोडवेज की बसों में फॉग लाइटें गायब, यात्रियों की जान से खिलवाड़
उत्तराखंड परिवहन निगम (रोडवेज) की बसों में सफर करना अब जान का जोखिम बन गया है। मैदानी रूटों पर चलने वाली बसों में फॉग लाइटें नहीं लगाई गई हैं, जबकि घना कोहरा यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। चालकों को घने कोहरे में गंतव्य तक पहुंचने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके अतिरिक्त, जिन बसों के टायरों को बदलने की आवश्यकता थी, उन्हें नए टायर उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इस स्थिति में, किसी भी समय बसें बीच रास्ते में खड़ी हो सकती हैं, जिसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ेगा। रोडवेज का घाटा 100 करोड़ रुपये के पार जा चुका है, जिसमें से लगभग 10 करोड़ रुपये बसों के पुर्जों की देनदारी है। मुख्यालय से विभिन्न डिपो को प्रतिमाह भेजी जाने वाली धनराशि पर्याप्त नहीं है।
आने वाले दो महीनों में बसों के संचालन में सबसे अधिक चुनौतियां रहेंगी। आईएसबीटी से दिल्ली रूट पर प्रतिदिन 100 बसें चलती हैं, जिनमें से सामान्य बसों की स्थिति सबसे खराब है। चालकों को अपनी जान जोखिम में डालकर बसें चलानी पड़ रही हैं। रोडवेज वर्कशॉप से मुख्यालय को कई बार पत्र भेजे गए हैं, लेकिन समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
महाप्रबंधक संचालन क्रांति सिंह ने बताया कि सभी बसों में फॉग लाइटें लगाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं, ताकि घने कोहरे में चालकों को परेशानी न हो। उन्होंने यह भी बताया कि गर्मियों में फॉग लाइटें उतार दी जाती हैं और सर्दियों में इन्हें बसों में लगाया जाता है।
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