“title”: “संसद के शीतकालीन सत्र से पहले गरमाई सियासत, ‘डिलीवरी’ पर जोर, ‘ड्रामा’ पर सवाल”,
“subtitle”: “विपक्ष ने उठाए अहम मुद्दे, सत्ता पक्ष ने रचनात्मक बहस की अपील की”,
“summary”: “संसद के शीतकालीन सत्र से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने चुनावी रोल संशोधन और प्रदूषण जैसे मुद्दों को उठाने को ‘ड्रामा’ कहने पर प्रधानमंत्री मोदी पर पलटवार किया है। वहीं, प्रधानमंत्री ने सत्र को युवा सांसदों के लिए मंच बताते हुए ‘डिलीवरी’ पर ध्यान देने की बात कही है। INDIA गठबंधन ने सत्र के लिए रणनीति बनाई है।”,
“content”: “संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विपक्ष को ‘हाउस डिलीवरी के लिए है, ड्रामा के लिए नहीं’ कहने पर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने तीखा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि चुनावी रोल में विशेष गहन संशोधन (SIR) और प्रदूषण जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करना ‘ड्रामा’ नहीं है, बल्कि यह सांसदों का कर्तव्य है।nnप्रियंका गांधी ने मीडिया से बातचीत में सवाल उठाया कि ऐसे गंभीर मुद्दों को सदन में क्यों नहीं उठाने दिया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के ज्वलंत मुद्दों को उठाना और उन पर बहस करना संसद सदस्यों की जिम्मेदारी है, जो देश के सुचारू शासन के लिए आवश्यक है।nnयह बयान प्रधानमंत्री मोदी के उस वक्तव्य के बाद आया है, जिसमें उन्होंने संसद के बाहर कहा था कि सदन ‘डिलीवरी’ के लिए है, ‘ड्रामा’ के लिए नहीं। उन्होंने सभी दलों से सत्र को रचनात्मक बनाने और विशेष रूप से पहली बार चुने गए युवा सांसदों को अपनी बात रखने का अवसर देने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि कई युवा और नए सांसद स्थानीय मुद्दों को उठाने के लिए पर्याप्त अवसर न मिलने से परेशान हैं।nnउन्होंने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हर दल, हर नई पीढ़ी का सांसद, हर पहली बार का सांसद, सदन से लाभान्वित हो।” मोदी ने चेतावनी दी कि संसद को नौटंकी का मंच न बनाया जाए। उन्होंने कहा, “ड्रामा के लिए कहीं और काफी जगह है। यहां हमें डिलीवरी चाहिए। यह नारों का स्थान नहीं है; हमें नीति पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।”nnइस बीच, ‘INDIA’ गठबंधन के नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक की। इस बैठक में राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और सहयोगी दलों के फ्लोर लीडर्स शामिल हुए। बैठक का मुख्य एजेंडा दोनों सदनों में एक समन्वित दृष्टिकोण तैयार करना था। गठबंधन के सदस्य SIR अभ्यास, आंतरिक सुरक्षा और अन्य राष्ट्रीय चिंताओं सहित कई मुद्दों को उठाने की तैयारी कर रहे हैं।nnप्रधानमंत्री मोदी ने सभी दलों से रचनात्मक बहस की अनुमति देने का आह्वान किया और कहा कि सदन को विरोध प्रदर्शनों के बजाय काम पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने एक ऐसे संसद की वकालत की जो दिखावे की बजाय परिणामों और सार्थक चर्चा को प्राथमिकता दे। प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद का शीतकालीन सत्र संस्था के “क्या सोच रहा है, क्या करना चाहता है और क्या हासिल करने वाला है” पर केंद्रित रहना चाहिए, और सभी दलों से रचनात्मक योगदान देने का आग्रह किया।”
रचनात्मक योगदान देने का आग्रह किया।”
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