“title”: “मेट्रो स्टेशन से 15 लाख की तांबे की केबल चोरी, दो आरोपी गिरफ्तार”,
“subtitle”: “पुलिस ने निर्माणाधीन साइट से 1200 मीटर केबल बरामद की, क्रेन ऑपरेटर और मजदूर शामिल”,
“summary”: “दिल्ली पुलिस ने निर्माणाधीन मेट्रो स्टेशन से 15 लाख रुपये मूल्य की 1200 मीटर तांबे की केबल चोरी करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक क्रेन ऑपरेटर और दूसरा मजदूर शामिल है, जो साइट पर ही काम करते थे। पुलिस ने चोरी की गई केबल को भी बरामद कर लिया है। आरोपियों ने सीसीटीवी कैमरों की एक्सपायरी डेट का फायदा उठाकर इस वारदात को अंजाम दिया था।”,
“content”: “उत्तरी दिल्ली के सदर बाजार थाना क्षेत्र में एक बड़ी चोरी का खुलासा हुआ है। पुलिस ने निर्माणाधीन मेट्रो स्टेशन से 15 लाख रुपये कीमती तांबे की केबल चुराने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक क्रेन ऑपरेटर और दूसरा मजदूर शामिल है, जो उसी मेट्रो साइट पर कार्यरत थे। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से चोरी की गई 1200 मीटर लंबी तांबे की केबल भी बरामद कर ली गई है।nnसूत्रों के अनुसार, कार्यदायी एजेंसी के सुपरवाइजर ने पांच नवंबर को सदर बाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि दो और तीन नवंबर की दरम्यानी रात को सदर बाजार स्थित निर्माण स्थल से लगभग 1200 मीटर तांबे की केबल चोरी हो गई है, जिसकी अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये है। शिकायत के बाद मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।nnपुलिस ने घटना स्थल और आसपास लगे करीब 50 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का गहन विश्लेषण किया। फुटेज में दो व्यक्ति चोरी के माल को एक ट्रक में लादकर ले जाते हुए दिखाई दिए। शिकायतकर्ता ने उनमें से एक व्यक्ति की पहचान रणधीर सिंह के रूप में की, जो निर्माण स्थल पर क्रेन ऑपरेटर के तौर पर काम करता था।nnपुलिस ने कंपनी से रणधीर सिंह का मोबाइल नंबर और अन्य जानकारी प्राप्त की। तकनीकी निगरानी में उसके मोबाइल की लोकेशन अमृतसर, पंजाब में पाई गई, जो उसका पैतृक निवास था। इसके बाद पुलिस टीम ने आठ नवंबर को अमृतसर स्थित उसके घर पर छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया और दिल्ली ले आई।nnपूछताछ के दौरान रणधीर सिंह ने अपने साथी पंकज कुमार के साथ मिलकर चोरी को अंजाम देने की बात कबूल की। पंकज कुमार उसी निर्माण स्थल पर मजदूर के रूप में काम कर रहा था। रणधीर की निशानदेही पर पुलिस ने दस नवंबर को सह-आरोपी पंकज कुमार को भी निर्माण स्थल से गिरफ्तार कर लिया। साथ ही, भलस्वा डेरी इलाके में एक परिचित के घर में छिपाकर रखी गई चोरी की केबल को भी बरामद कर लिया गया।nnपुलिस की पूछताछ में पता चला कि रणधीर सिंह नशे का आदी है और पिछले तीन-चार महीनों से आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। उसे पता था कि निर्माण साइट पर रखी लाखों रुपये की तांबे की केबल कुछ दिनों से ऐसे ही पड़ी है। उसे यह भी जानकारी थी कि साइट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग क्षमता केवल सात दिनों की है और अगले कुछ दिनों में उस केबल की आवश्यकता भी नहीं पड़ने वाली थी। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने पंकज कुमार को अपनी योजना में शामिल किया। पंकज रात के समय साइट में प्रवेश के लिए पास जारी करता था। दोनों ने दो नवंबर की रात को केबल चुराने का फैसला किया, क्योंकि उस रात साइट पर कम मजदूर मौजूद रहते हैं। उन्होंने केबल को ट्रक में लादा और भलस्वा डेरी इलाके में एक घर पर ले जाकर छिपा दिया। इसके बाद रणधीर अमृतसर चला गया, जबकि पंकज सामान्य रूप से साइट पर काम करता रहा। हालांकि, दो दिन बाद ही जब केबल की जरूरत पड़ी और चोरी का पता चला, तब तक सीसीटीवी फुटेज में वे पकड़े गए। पुलिस का मानना है कि अगर यह चोरी कुछ दिन और टल जाती तो आरोपी पकड़ से बाहर हो सकते थे।”
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