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“title”: “बिहार में 52.69 KM नई रेल लाइन को हरी झंडी, 1331 करोड़ होंगे खर्च”,

By Nov 20, 2025

“subtitle”: “दरभंगा-समस्तीपुर के बीच 3 जिलों को मिलेगा सीधा रेल संपर्क, एम्स के पास बनेगा नया स्टेशन”,

“summary”: “बिहार में लहेरियासराय से सिलौत तक 52.69 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का सर्वे पूरा हो गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 1331 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह नई लाइन दरभंगा और आसपास के क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी, जिससे व्यापार, वाणिज्य और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। दरभंगा एम्स के पास एक नया स्टेशन भी प्रस्तावित है।”,

“content”: “समस्तीपुर रेलवे मंडल ने लहेरियासराय से सिलौत तक एक नई रेलवे लाइन के निर्माण के लिए किए गए सर्वे को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। लगभग 52.69 किलोमीटर लंबी इस महत्वपूर्ण परियोजना पर 1331.20 करोड़ रुपये की भारी लागत आने का अनुमान है। सर्वे रिपोर्ट रेलवे मंत्रालय के निर्माण विभाग को भेज दी गई है, और उम्मीद है कि अगले वित्तीय वर्ष के रेल बजट में इसे शामिल कर लिया जाएगा। बजट में स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा।nnइस नई रेल लाइन का मार्ग दरभंगा में निर्माणाधीन एम्स के बहुत करीब से गुजरेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए, एम्स के लिए एक नए स्टेशन की स्थापना का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। इस परियोजना के पूरा होने से दरभंगा और मधुबनी जिलों के यात्रियों को सीधी कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। वर्तमान में मुजफ्फरपुर और पटना की यात्रा में लगने वाले समय में काफी कमी आएगी। अनुमान है कि नई लाइन शुरू होने के बाद यात्री सिर्फ दो घंटे में पटना पहुंच सकेंगे, जिससे यात्रा बेहद सुगम हो जाएगी।nnपरियोजना के तहत कुल छह नए स्टेशनों के निर्माण का प्रस्ताव है। लहेरियासराय से ट्रेन रवाना होने के बाद पहला ठहराव दरभंगा एम्स स्टेशन होगा। इसके बाद पटासी, मोरो, बांद्रा, घोसरंभा (समस्तीपुर जिले के पूसा प्रखंड के पास) और विद्यया झा स्टेशनों से होते हुए ट्रेन समस्तीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड के सिलौत स्टेशन तक पहुंचेगी। यह नया रूट क्षेत्रीय यात्रियों के लिए परिवहन के एक नए और सुविधाजनक विकल्प के रूप में उभरेगा।nnनिर्माणाधीन मार्ग बागमती और बूढ़ी गंडक जैसी प्रमुख नदियों के ऊपर से गुजरेगा, जिसके लिए लगभग 200 मीटर लंबा एक बड़ा पुल बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, 11 मेजर पुल, 12 माइनर पुल और 45 अंडरपास का भी निर्माण किया जाएगा। एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इस रूट पर कहीं भी रेलवे गुमटी नहीं होगी, जिससे सड़क यातायात में जाम लगने और गुमटियों पर ट्रेनों का इंतजार करने की समस्या से पूरी तरह छुटकारा मिलेगा।nnसर्वे रिपोर्ट में इस नई लाइन को 130 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलने वाली ट्रेनों के लिए उपयुक्त बनाने का प्रस्ताव दिया गया है, जिसे भविष्य में 160 किमी/घंटा तक बढ़ाया जा सकता है। पूरी लाइन का निर्माण विद्युतीकृत ट्रैक के साथ किया जाएगा, जो पर्यावरण के अनुकूल होगा। परियोजना के लिए कुल 245 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी, जिसके अधिग्रहण की प्रक्रिया बजट मंजूरी मिलने के बाद तेजी से पूरी की जाएगी।nnसूत्रों के अनुसार, इस नई रेल लाइन के निर्माण को तीन वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।”

गति मिलेगी।”

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