‘घूसखोर पंडत’ फिल्म का शीर्षक बेहद अपमानजनक: अखिलेश यादव; US ट्रेड डील पर भी साधा निशाना
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक फिल्म के शीर्षक को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का नाम लिए बिना कहा कि इसका शीर्षक न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि बेहद अपमानजनक भी है। अखिलेश यादव ने कहा कि इस तरह की फिल्में एक सोची-समझी साजिश के तहत किसी एक पक्ष की भावनाओं को आहत करती हैं और यह मनोरंजन नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जब तक ऐसी फिल्मों के निर्माताओं को आर्थिक हानि नहीं होगी, तब तक ऐसी फिल्में बनना बंद नहीं होंगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि यह रचनात्मक स्वतंत्रता की बात नहीं है, बल्कि रचनात्मक समझ की बात है। अगर फिल्म का उद्देश्य मनोरंजन नहीं है तो किसी एक समाज को बदनाम करने के एजेंडे के पीछे के एजेंडे का खुलासा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिनेमा को समाज का दर्पण समझा जाता है, लेकिन यह दर्पण मैला और मलिन नहीं होना चाहिए।
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने अमेरिका के साथ ट्रेड डील को देश के किसानों और खेती के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता नहीं, बल्कि समर्पण है, जिसके तहत भाजपा सरकार ने देश का बाजार अमेरिका को सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि देश के किसानों, दुकानों और उद्योगों को बचाने के लिए भाजपा के पास खोखले शब्दों के अलावा कोई सुरक्षा-कवच या संरक्षण-योजना नहीं है।
उन्होंने देश में 18,727 सरकारी स्कूलों को बंद करने के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। अखिलेश यादव ने कहा कि शोषित और वंचित समाज की पीढ़ियों को आगे बढ़ाने के लिए ‘पीडीए पाठशाला’ के सांकेतिक आंदोलन को एक वास्तविक आंदोलन में बदलना होगा।
