‘सीक्रेट कम्यून’ में लाखों खर्च कर ‘हाई’ रहते हैं अमीर, सख्त जांच के बाद मिलती है एंट्री
हिमाचल प्रदेश के मनाली में एक गुप्त ‘कम्यून’ (समुदाय) का पता चला है, जहां अमीर और सफल लोग लाखों रुपये खर्च करके तीन दिन की ‘रिट्रीट’ पर जाते हैं। यह कोई साधारण छुट्टी नहीं है; यह ‘फंक्शनल स्टोनर्स’ के लिए एक गुप्त सभा है, जहां प्रतिभागी खुलेआम गांजा पीते हैं, योग करते हैं, ट्रेकिंग करते हैं और यहां तक कि अपना रिमोट काम भी करते हैं।
इस कम्यून में एंट्री पाना आसान नहीं है। प्रतिभागियों को आधार कार्ड जैसे आधिकारिक दस्तावेज जमा करने होते हैं और एक सख्त इंटरव्यू प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। यह आयोजन स्टार्टअप संस्थापकों, उद्यमियों और युवा अधिकारियों को लक्षित करता है, और इसकी लागत 1.25 लाख रुपये से 1.5 लाख रुपये तक होती है। आयोजकों का दावा है कि ये लोग नशे में भी उत्पादक बने रह सकते हैं।
हालांकि, यह पूरी गतिविधि भारत में गैरकानूनी है। NDPS एक्ट, 1985 के तहत गांजा पीना एक आपराधिक अपराध है। बेंगलुरु की वकील संजना जे सतीश के अनुसार, यदि पुलिस इस तरह के रिट्रीट पर छापा मारती है, तो पकड़े गए प्रत्येक व्यक्ति को धारा 27(b) के तहत छह महीने तक की जेल या 10,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। आयोजकों के लिए, सजा और भी कड़ी हो सकती है, जिसमें 10 साल तक की कठोर कारावास शामिल है।
