चंद्र ग्रहण के बाद खुले मंदिरों के कपाट, शाम को हुई भव्य आरती
जनपद में मंगलवार को चंद्र ग्रहण के प्रभाव के चलते तीर्थ नगरी सोरों, शहर और कस्बों के मंदिरों के कपाट दिनभर बंद रहे। ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों में विशेष सफाई की गई और मूर्तियों का श्रंगार किया गया। इसके उपरांत शाम को भक्तों के लिए मंदिरों के द्वार खोल दिए गए, जहाँ पूजा-अर्चना और भव्य आरती का आयोजन किया गया।
सोरों के वराह मंदिर, गंगामाता मंदिर, सोमेश्वर मंदिर सहित अन्य मंदिरों में सुबह की पूजा के बाद ग्रहण के सूतक काल में कपाट बंद कर दिए गए थे। ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों को शुद्ध किया गया और मूर्तियों को नवीन वस्त्रों से सजाया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने घरों में भी भजन-कीर्तन कर ग्रहण का समय काटा।
शहर के चामुंडा मंदिर और गंजडुंडवारा के मंदिरों में भी यही स्थिति देखी गई। शाम की आरती में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। चंद्र ग्रहण के बाद, कई श्रद्धालुओं ने गंगा नदी और हरिपदी में स्नान किया और दान-पुण्य भी किया, जो एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान माना जाता है।
