कानपुर में बेलगाम चोरों का आतंक, पुलिस बेबस, लाखों की चोरी की घटनाएं
कानपुर देहात में चोरों के हौसले बुलंद हैं और पुलिस उन्हें रोकने में पूरी तरह विफल नजर आ रही है। जनपद में लगातार हो रही चोरी की वारदातों से आमजन में भय का माहौल है। कई मामलों में पुलिस एफआईआर (SR) बचाने के प्रयास में रिपोर्ट दर्ज करने से कतरा रही है, जबकि दर्ज मामलों में भी चोरों को पकड़ना तो दूर, उनका सुराग तक लगाना मुश्किल हो रहा है।
क्षेत्र में गश्त और पिकेट की कमी के कारण चोरों की सक्रियता बढ़ गई है। वे बेखौफ होकर घूम-घूम कर चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। रूरा कस्बे में एक शिक्षक के घर लाखों की चोरी, कठारा गांव में दो किसानों के घरों से लाखों के आभूषण और नकदी की चोरी जैसी घटनाओं के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बावजूद, चोरों ने अकबरपुर रोड पर एक और बड़ी चोरी को अंजाम देकर पुलिस को खुली चुनौती दी है। इस मामले में चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस की कार्रवाई नतीजाहीन साबित हो रही है। जिले की बड़ी चोरियों में पुलिस केवल एफआईआर बचाने की जुगत में लगी रही, और दर्ज मामलों में भी चोरों की पहचान या गिरफ्तारी में नाकाम रही।
पिछले डेढ़ माह में हुई दस प्रमुख चोरियों की घटनाओं ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। इनमें मंगलपुर, अकबरपुर, रसूलाबाद, सिकंदरा, रूरा, गजनेर और भोगनीपुर थाना क्षेत्रों में हुई लाखों की नकदी, आभूषण और सामान की चोरियां शामिल हैं। इन घटनाओं में दुकानों, घरों और यहां तक कि इंटर कॉलेज से भी लाखों का सामान चोरी हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग गया है।
