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उत्तराखंड में भालू के हमलों पर सीएम धामी सख्त, वन विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश

By Nov 22, 2025

प्रदेश में भालू के हमलों की बढ़ती घटनाओं ने सरकार को चिंता में डाल दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस गंभीर मुद्दे पर संज्ञान लेते हुए वन विभाग को तत्काल और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में वन विभाग अब पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है और इस समस्या से निपटने के लिए विशेष योजनाएं बनाई जा रही हैं।

शुक्रवार को प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु की अध्यक्षता में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में इस समस्या को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया। बैठक में विभागीय अधिकारियों को मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने और इसके सतत अनुश्रवण के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री धामी और वन मंत्री सुबोध उनियाल के स्पष्ट निर्देशों के बाद, प्रमुख सचिव वन सुधांशु ने विभाग के मुखिया पीसीसीएफ डा समीर सिन्हा, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक आरके मिश्र और भालू प्रभावित क्षेत्रों के डीएफओ के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने समस्या से निपटने के लिए अब तक उठाए गए कदमों की समीक्षा की और आगे की रणनीति पर मार्गदर्शन प्रदान किया।

वन विभाग के मुखिया डा सिन्हा ने बैठक में कहा कि जनजागरूकता पर विशेष जोर दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद हेतु वन प्रभागों को 50 लाख रुपये की राशि आवंटित की जा रही है। यह राशि संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने में मदद करेगी।

मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक आरके मिश्र ने सभी डीएफओ को संवेदनशील स्थलों की पहचान करने और वहां कैमरा ट्रैप, ड्रोन तथा अन्य आधुनिक तकनीक का उपयोग करने का निर्देश दिया। उन्होंने वन कर्मियों की गश्त बढ़ाने पर भी बल दिया ताकि वन्यजीवों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा सके। इसके अतिरिक्त, मिश्र ने आबादी वाले क्षेत्रों में वन्यजीवों की आवाजाही की जानकारी देने के लिए एकीकृत हेल्पलाइन नंबर-1926 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के आदेश दिए। फील्ड कर्मियों को किसी भी घटना की स्थिति में तुरंत सूचित करने और डीएफओ को अनिवार्य रूप से घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित लोगों को नियमानुसार अनुग्रह राशि उपलब्ध कराने और संघर्ष न्यूनीकरण की रिपोर्ट मुख्यालय को नियमित रूप से भेजने का भी निर्देश दिया गया है।

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