उत्तराखंड हाई कोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव में EVM का प्रयोग संभव, जिलाधिकारी से मांगी गई मदद
नैनीताल: उत्तराखंड हाई कोर्ट बार एसोसिएशन अपने आगामी चुनावों को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के माध्यम से संपन्न कराने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। इस महत्वपूर्ण पहल के तहत, एसोसिएशन ने जिलाधिकारी से EVM उपलब्ध कराने का औपचारिक अनुरोध किया है। यह निर्णय चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
एसोसिएशन की ओर से मतदान के लिए 1680 अधिवक्ताओं की एक अनंतिम सूची जारी कर दी गई है। शुक्रवार को प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण के पश्चात अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जिससे चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
गुरुवार को मुख्य चुनाव अधिकारी की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में, पूर्व सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता महेन्द्र सिंह पाल, महेश कांडपाल और महावीर सिंह त्यागी को चुनाव के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। चुनाव समिति ने जिलाधिकारी को एक पत्र के माध्यम से EVM उपलब्ध कराने का निवेदन किया है। इस प्रयास में भारत निर्वाचन आयोग के अधिवक्ता शोभित सहारिया और राज्य निर्वाचन आयोग के अधिवक्ता संजय भट्ट से भी सहयोग मांगा गया है। यदि EVM की उपलब्धता सुनिश्चित हो जाती है, तो चुनाव निश्चित रूप से इन्हीं मशीनों से कराए जाएंगे।
चुनाव प्रक्रिया में सहायता के लिए एक समर्पित निर्वाचन टीम का भी गठन किया गया है, जिसमें प्रदीप लोहनी, विकास उनियाल, पान सिंह बिष्ट, राजीव पाठक, हेम चन्द्र पाठक, विशाल सिंह मेंहरा, मीनाक्षी शर्मा, कौशल साह जगाती, सुनील उपाध्याय, सुनील कुमार, श्वेता बड़ोला डोभाल और सूर्यकांत मैथानी जैसे गणमान्य अधिवक्ता शामिल हैं।
बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कुर्बान अली के अलावा राजेश शर्मा, रवींद्र सिंह बिष्ट, भास्कर जोशी, केके तिवारी, कार्तिकेय हरि गुप्ता, राजेश जोशी, तपन सिंह, वंदना मेहरा, पान सिंह बिष्ट, पंकज कपिल, शीतल सेलवाल, संगीता अधिकारी पाटनी सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
यह कदम अधिवक्ताओं के बीच चुनावी प्रक्रिया को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इसके अतिरिक्त, बार एसोसिएशन ने सरकार से अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम बनाने की मांग भी की है और इस संबंध में हाई कोर्ट में याचिका दायर करने का भी निर्णय लिया है। हाल ही में, एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं को हाई कोर्ट का जज बनाने के प्रस्ताव का विरोध भी किया था। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए, चुनाव समिति ने पहले ही मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है।
