कैंची धाम में आतंकी हमले की मॉकड्रिल: नैनीताल पुलिस ने दिखाई त्वरित कार्रवाई की क्षमता
नैनीताल पुलिस ने विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम मंदिर परिसर में किसी भी संभावित आपात स्थिति, विशेषकर आतंकी हमले और बम विस्फोट जैसी घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एक विस्तृत मॉक ड्रिल का आयोजन किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नैनीताल, मंजुनाथ टीसी के स्पष्ट निर्देशों के तहत इस अभ्यास को संपन्न कराया गया।
गुरुवार को आयोजित इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य बम विस्फोट की स्थिति में पुलिस की जवाबी कार्रवाई, राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा करना था। पुलिस अधीक्षक जगदीश चंद्रा और क्षेत्राधिकारी भवाली, दीपशिखा अग्रवाल के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में यह अभ्यास पूरी तरह से संचालित हुआ। मॉकड्रिल के दौरान, कैंची धाम परिसर में तीन आतंकी विस्फोटों का сценарий तैयार किया गया। जैसे ही कंट्रोल रूम को इसकी सूचना मिली, पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्रा ने तत्काल मोर्चा संभाला और पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया।
अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी भवाली, दीपशिखा अग्रवाल ने मौके पर कमान संभाली और पूरे कैंची धाम परिसर को सील कर दिया। सशस्त्र बलों ने तुरंत घेराबंदी कर दी, जिसके बाद आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने कार्रवाई की जिम्मेदारी ली। एटीएस की टीम ने जवाबी कार्यवाही करते हुए छुपे हुए आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ की। इस मुठभेड़ में दो आतंकवादियों को मार गिराया गया, जबकि तीन को जीवित पकड़ा गया। पकड़े गए आतंकवादियों को पूछताछ के लिए थाने भेजा गया है।
इस मॉक ड्रिल में बम विस्फोट की घटना में एक नागरिक की मृत्यु और तीन नागरिकों के घायल होने का भी сценарий शामिल था। घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। घटना स्थल से मोबाइल फोरेंसिक यूनिट ने महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए, ताकि वास्तविक घटना की तरह ही जांच प्रक्रिया का अभ्यास किया जा सके।
इस महत्वपूर्ण मॉकड्रिल में स्थानीय पुलिस के अलावा, पीएसी, एसडीआरएफ, आतंकवाद निरोधक दस्ता, बीडीएस (बम निरोधक दस्ता), डॉग स्क्वाड, फॉरेंसिक मोबाइल यूनिट, मेडिकल टीम, मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन के सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस तरह के अभ्यासों का आयोजन सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों को पुख्ता करने और किसी भी अप्रिय घटना के दौरान त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
