पटना में विकास परियोजनाओं को मिशन मोड में पूरा करने का लक्ष्य, डीएम ने दिए निर्देश
पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने प्रोजेक्ट मानिटरिंग ग्रुप की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को विकास परियोजनाओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं में अच्छी प्रगति है, लेकिन लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने परियोजनाओं में बाधक बन रहे अतिक्रमण को तुरंत हटाने, मुआवजा भुगतान में देरी न करने और समय पर सभी कार्य पूरा कराने के सख्त निर्देश दिए हैं।
पटना मेट्रो कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए डीएम ने कहा कि पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से मलाही पकड़ी तक बन रहे प्रायोरिटी कारिडोर को तय समय में पूरा किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को भू-अर्जन, भू-हस्तांतरण व परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर एसडीओ-एसडीपीओ को तत्परता और संवेदनशीलता से काम करने का निर्देश दिया। जिले में एनएचएआइ, मेट्रो, रेलवे, पुल निर्माण निगम, पथ निर्माण, आइओसीएल, गेल आदि की 30 केंद्र-राज्य संपोषित परियोजनाएं संचालित हैं, जिनके कार्यों की प्रगति का निरीक्षण डीएम स्वयं कर रहे हैं।
एसडीओ-एसडीपीओ को परियोजना स्थल पर अतिक्रमण चिह्नित कर उसे हटाने और निर्माण एजेंसियों को सुरक्षा व पर्यावरण मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। मौजावार कैंप लगाकर हितबद्ध रैयतों को तेजी से मुआवजा देने को कहा गया है। दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कारिडोर निर्माण परियोजना में 22 गांवों में भू-अधिग्रहण कर 940 रैयतों को मुआवजा दिया जा चुका है, और लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया गया है। रामनगर-कच्ची दरगाह परियोजना के लिए भू-अर्जन कार्य में तेजी लाने और पटना-आरा-सासाराम एनएच-119ए निर्माण योजना में भी मिशन मोड में भू-अर्जन व मुआवजा भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
