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ट्रंप के नए नियम से हजारों भारतीयों की मुश्किलें बढ़ीं, वर्क परमिट की अवधि घटाई गई

By Dec 6, 2025

ट्रंप प्रशासन ने प्रवासी कामगारों के लिए एक नया नियम लागू किया है, जिसका सीधा असर अमेरिका में काम करने वाले हजारों भारतीयों और उनके परिवारों पर पड़ेगा। इस नए नियम के तहत, रोजगार वर्क परमिट (ईएडी) की अधिकतम समयसीमा को पांच साल से घटाकर केवल 18 महीने कर दिया गया है। यह बदलाव उन प्रवासियों के लिए एक बड़ा झटका है जो पहले बाइडन प्रशासन की नीति के तहत अपनी वर्क परमिट की समयसीमा खत्म होने के बाद भी आवेदन लंबित रहने तक कानूनी रूप से काम कर सकते थे।

इस नए नियम के अनुसार, अब हर बार वर्क परमिट को बढ़ाने से पहले आवेदकों को नई सुरक्षा जांच और वेटिंग प्रक्रिया से गुजरना होगा। यह उन हजारों भारतीयों के लिए एक नई चिंता पैदा कर सकता है जो पहले से ही ग्रीन कार्ड प्राप्त करने के लिए वर्षों से लंबी प्रतीक्षा सूची में हैं। बहुत से भारतीय लंबे समय तक अमेरिका में अपनी नौकरी जारी रखने के लिए लंबे समय वाले ईएडी और एडवांस पैरोल दस्तावेजों पर निर्भर रहते हैं। भारतीय प्रवासी समुदाय अमेरिका में रोजगार-आधारित वीजा के सबसे बड़े लाभार्थियों में से एक है।

अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआइएस) ने इस बदलाव को सुरक्षा जांच को मजबूत करने और संभावित जोखिमों का समय रहते पता लगाने के लिए आवश्यक बताया है। यूएससीआइएस के एक अधिकारी के अनुसार, पिछली सरकार के दौरान ऐसे विदेशी नागरिकों को प्रवेश मिला जिन्होंने सुरक्षा कर्मियों पर हमला किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विदेशियों की बार-बार और गहन जांच करना महत्वपूर्ण है।

गौरतलब है कि बाइडन प्रशासन ने 2023 में ही वर्क परमिट की वैधता को दो साल से बढ़ाकर पांच साल कर दिया था। इसका मुख्य उद्देश्य यूएससीआइएस और जनता दोनों पर प्रशासनिक बोझ को कम करना था। हालांकि, अब ट्रंप प्रशासन के इस नए फैसले से उन भारतीयों के लिए अनिश्चितता बढ़ गई है जो अपने रोजगार और अमेरिका में रहने के लिए वर्क परमिट पर निर्भर हैं।

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