ट्रंप का H-1B वीजा का बचाव: कुशल प्रवासियों के स्वागत को आलोचना झेलने को तैयार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर H-1B वीजा कार्यक्रम का समर्थन किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे देश में कुशल और प्रतिभाशाली प्रवासियों का स्वागत करने के लिए आलोचना झेलने को भी तैयार हैं। ट्रंप के अनुसार, यह वीजा कार्यक्रम न केवल कुशल लोगों के लिए फायदेमंद है, बल्कि इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भी महत्वपूर्ण लाभ होता है।
बुधवार को अमेरिका-सऊदी अरब निवेश फोरम को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में कई नए संयंत्र स्थापित हो रहे हैं, जिनमें टेलीफोन, कंप्यूटर और मिसाइल जैसे जटिल उत्पादों का निर्माण होगा। इन संयंत्रों में काम करने के लिए देश को विदेश से ऐसे कुशल कामगारों की आवश्यकता होगी जो अमेरिकी श्रमिकों को नई तकनीकों का प्रशिक्षण दे सकें।
सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की उपस्थिति में ट्रंप ने स्वीकार किया कि उन्हें अपने उन समर्थकों से कुछ आलोचना का सामना करना पड़ सकता है जो सख्त आव्रजन नीतियों के पक्षधर हैं। उन्होंने कहा, ‘मेरे लोग, जो मुझे प्यार करते हैं और जिन्हें मैं प्यार करता हूं। उनका झुकाव अक्सर दक्षिणपंथ की ओर होता है और कभी-कभी बहुत ज्यादा।’
हाल के दिनों में ट्रंप ने भारतीय पेशेवरों के बीच लोकप्रिय H-1B वीजा का कई बार बचाव किया है। उन्होंने हाल ही में कहा था कि विदेशी कामगारों की जरूरत है क्योंकि वे अमेरिकी श्रमिकों को प्रशिक्षित करते हैं। पिछले सप्ताह एक साक्षात्कार में उन्होंने यह भी कहा था कि अमेरिका को दुनिया भर से प्रतिभाओं को आकर्षित करना चाहिए क्योंकि देश में हमेशा हर तरह की प्रतिभाएं उपलब्ध नहीं होतीं।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब ट्रंप के कई समर्थक इस वीजा कार्यक्रम को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियां इसी वीजा के आधार पर उच्च कुशल विदेशी कामगारों को नियुक्त करती हैं, जो नवाचार और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
