ट्रंप का बड़ा वादा: टैरिफ से हुई कमाई का जश्न, अमेरिकियों को मिलेंगे $2000 डिविडेंड
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर टैरिफ से मिली आय को अमेरिकी नागरिकों में “डिविडेंड चेक” के रूप में बांटने का अपना वादा दोहराया है। उन्होंने घोषणा की है कि कम और मध्यम आय वर्ग के अमेरिकियों को 2,000 डॉलर तक का डिविडेंड दिया जाएगा। इस योजना को हकीकत में बदलने के लिए व्हाइट हाउस भी कानूनी विकल्पों की तलाश में जुट गया है।
टैरिफ, यानी आयातित वस्तुओं पर लगने वाला अतिरिक्त शुल्क, ट्रंप प्रशासन की आर्थिक नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। ट्रंप का मानना है कि इन शुल्कों से अमेरिका को बड़ी मात्रा में राजस्व प्राप्त होता है, जो देश में रिकॉर्ड निवेश लाने और राष्ट्रीय कर्ज चुकाने में सहायक है। इसी आय को वह आम अमेरिकी नागरिकों के साथ साझा करना चाहते हैं।
ट्रंप ने 9 नवंबर को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा था कि “हर व्यक्ति को कम से कम 2,000 डॉलर का डिविडेंड दिया जाएगा।” हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ये चेक उच्च आय वर्ग के बजाय कम और मध्यम आय वाले लोगों को मिलेंगे। इससे पहले अगस्त में और 2 अक्टूबर को एक इंटरव्यू में भी उन्होंने 1,000 से 2,000 डॉलर के भुगतान का जिक्र किया था, इसे “शानदार” बताया था।
व्हाइट हाउस ने भी इस वादे का समर्थन किया है। 12 नवंबर को, जब इस मामले पर सवाल पूछा गया, तो व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने कहा, “व्हाइट हाउस इसे लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और हम सभी कानूनी विकल्पों को ढूंढ रहे हैं।” यह बयान इस बात का संकेत देता है कि प्रशासन इस विचार को गंभीरता से ले रहा है।
हालांकि, इस वादे की पूर्ति को लेकर बाजार में काफी संशय बना हुआ है। प्रेडिक्शन बेटिंग साइट्स जैसे पॉलीमार्केट और कल्शी पर दांव लगाने वाले लोग इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हैं कि यह वास्तव में होगा। 15 नवंबर तक पॉलीमार्केट पर “क्या ट्रंप 2025 में टैरिफ डिविडेंड बनाएंगे?” वाले बाजार में ‘हां’ की संभावना केवल 7% है, जबकि इस पर 9,50,000 डॉलर से अधिक का दांव लगा है। 9 नवंबर को यह संभावना 17% तक पहुंची थी, लेकिन अब इसमें गिरावट आई है।
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने अमेरिकियों को सीधे पैसे देने का वादा किया है। फरवरी में भी ‘डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी’ (DOGE) से होने वाली बचत से स्टिमुलस चेक देने का विचार सामने आया था, लेकिन कोई चेक वितरित नहीं किया गया। इन पूर्ववर्ती घटनाओं के कारण मौजूदा वादे पर भी निवेशकों और आम जनता के बीच संदेह की स्थिति बनी हुई है।
