ट्रामाडोल टैबलेट की खेप पकड़ी, उत्तराखंड में एफडीए अलर्ट मोड पर
पंजाब के जीरकपुर में देहरादून से अमृतसर जा रहे एक ट्रक से ट्रामाडोल टैबलेट की बड़ी खेप पकड़े जाने की घटना ने उत्तराखंड के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) को सतर्क कर दिया है। इस घटना के बाद, विभाग ने प्रदेश भर में औषधियों के दुरुपयोग को रोकने और अवैध सप्लाई चेन पर नकेल कसने के लिए विशेष अभियान चलाया है।
सूत्रों के अनुसार, एफडीए की टीमों ने सेलाकुई क्षेत्र में स्थित चार औषधि फर्मों का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, दो फर्मों के ट्रामाडोल और प्रीगाबालिन जैसी दवाओं के निर्माण लाइसेंस को निलंबित करने की सिफारिश की गई है। यह कार्रवाई खासतौर पर उन दवाओं पर केंद्रित है जिनका दुरुपयोग नशे के रूप में किया जा सकता है।
अपर आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड, ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि यह मामला केवल एक ट्रक से दवा की खेप पकड़े जाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बगैर बिल के व्यापार से जुड़े एक बड़े नेटवर्क और दवा की संभावित अवैध सप्लाई की ओर इशारा कर सकता है। उन्होंने कहा कि विभाग इस सप्लाई चेन की पूरी कड़ी को खंगालने में जुटा है।
इस संबंध में, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में विशेष ड्रग विभाग की टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना बिल, संदिग्ध लीगल दस्तावेजों या अवैध रूप से स्टॉक की गई दवाओं की तुरंत पहचान करें और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। टीमों को फर्मों के साथ-साथ दुकानों और गोदामों की भी गहन जांच करने का आदेश दिया गया है।
अपर आयुक्त ने फार्मा कारोबारियों से भी अपील की है कि यदि उनके पास बगैर बिल की दवा पहुंचती है या किसी संदिग्ध दवा की सूचना उन्हें मिलती है, तो तत्काल इसकी जानकारी विभाग को दें ताकि समय रहते ऐसे नेटवर्क पर अंकुश लगाया जा सके। विभाग का यह कदम औषधियों के अवैध व्यापार को रोकने और जन स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
