तेजस्वी यादव के घमंड का श्राप? राजद की हार के बाद चर्चा में मदन प्रसाद
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के लिए बेहद निराशाजनक रहे हैं। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का दावा करने वाले तेजस्वी यादव की पार्टी महज 25 सीटों पर सिमट गई। इस अप्रत्याशित हार के बाद अब पार्टी के नेता मदन प्रसाद की भविष्यवाणी और उनके गुस्से की चर्चा खूब हो रही है।
यह वही मदन प्रसाद हैं जिन्हें पार्टी से टिकट नहीं मिला था। टिकट कटने से आहत मदन प्रसाद उस समय लालू यादव के पटना स्थित आवास के बाहर जमीन पर लेटकर रोए थे और उन्होंने तेजस्वी यादव पर घमंड का आरोप लगाते हुए राजद को केवल 25 सीटें मिलने का श्राप दिया था। अब जब चुनाव परिणाम सामने आ चुके हैं और राजद की सीटें 25 पर ही अटकी हैं, तो मदन प्रसाद की बातें सच साबित होती दिख रही हैं।
चुनाव परिणाम आने के बाद मदन प्रसाद ने कहा कि वे पार्टी की हार से दुखी हैं, लेकिन उनका मानना है कि भगवान जो करता है अच्छे के लिए ही करता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ लोग पार्टी को बर्बाद करने में लगे हैं और जब तक उन्हें पार्टी से बाहर नहीं निकाला जाता, तब तक राजद का भला नहीं हो सकता।
टिकट कटने के बाद 19 अक्टूबर को दिए गए अपने एक बयान में मदन प्रसाद ने कहा था, “वे (तेजस्वी यादव) सरकार नहीं बनाएगा, तेजस्वी बहुत घमंडी है, लोगों से मिलते नहीं। वे टिकट बांट रहे हैं, संजय यादव ये सब कर रहे हैं। मैं यहाँ मरने आया हूँ। लालू यादव मेरे गुरु हैं। उन्होंने कहा था कि वे मुझे टिकट देंगे। उन्होंने भाजपा के एजेंट संतोष कुशवाहा को टिकट दिया।”
मदन प्रसाद ने यह भी बताया था कि 2020 में लालू यादव ने उन्हें रांची बुलाकर तेली समुदाय की जनसंख्या का सर्वेक्षण करवाया था और कहा था कि वे मदन मधुबन विधानसभा क्षेत्र से रणधीर सिंह को हराएंगे। उन्होंने बताया कि तेजस्वी और लालू दोनों ने उन्हें टिकट देने का वादा किया था, जबकि वे 90 के दशक से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं और गरीब होने के कारण उन्होंने अपनी जमीन भी बेच दी थी।
